बालाघाट: PWD कार्यपालन यंत्री के.के. सिंगारे के ठिकानों पर EOW का छापा

भ्रष्टाचार पर EOW का कड़ा प्रहार: PWD कार्यपालन यंत्री के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रभारी कार्यपालन यंत्री के.के. सिंगारे के ठिकानों पर तड़के करीब 5:45 बजे EOW की टीम ने अचानक धावा बोला। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों के घेरे में आए सिंगारे के बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित आवासों पर एक साथ यह सघन छापामार कार्रवाई की गई है।

✍️  शशांक माहुले /राकेश प्रजापति 

अकूत संपत्ति और संदिग्ध लेन-देन के संकेत

शुरुआती जांच में ही भ्रष्टाचार की काली कमाई की परतें उखड़ने लगी हैं। बालाघाट स्थित आवास की तलाशी के दौरान टीम ने मौके से 2 लाख 50 हजार रुपये की नकदी, एक बिल्कुल नई स्कॉर्पियो कार और दर्जनों संदिग्ध खाली लिफाफे बरामद किए हैं। संपत्तियों और कीमती सामानों का दायरा इतना बड़ा होने की आशंका है कि EOW को नकदी गिनने के लिए मशीनें और सोने-चांदी की प्रामाणिकता जांचने वाले विशेष उपकरण मौके पर मंगाने पड़े हैं। बालाघाट में प्राथमिक छानबीन के बाद जांच दल आरोपी अधिकारी को लेकर उनके छिंदवाड़ा स्थित आवास पर पहुंचा है, जहां सघन तहकीकात का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

कार्रवाई का आधार और जांच का दायरा

यह वृहद कार्रवाई सिविल कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन मध्यप्रदेश के जनरल सेक्रेटरी यूनुस खान (उर्फ पप्पा भाई) की पुख्ता शिकायत पर आधारित है। डीएसपी मंजीत सिंह के नेतृत्व में EOW की टीम दस्तावेजों, निवेशों और अन्य संपत्तियों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। गौरतलब है कि विभाग में के.के. सिंगारे की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी कई दबी-छिपी शिकायतें गूंजती रही हैं, लेकिन इस बार जांच एजेंसी ने सीधे उनके आर्थिक साम्राज्य पर सटीक चोट की है।

फिलहाल, तीनों शहरों में स्थित ठिकानों पर फाइलों और बैंक खातों को खंगालने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। विभागीय अधिकारी इस हाई-प्रोफाइल मामले में अभी गोपनीयता बरत रहे हैं। माना जा रहा है कि पूरी कार्रवाई संपन्न होने के बाद जल्द ही एक बड़ा और आधिकारिक खुलासा किया जाएगा, जिससे आय से अधिक संपत्ति के कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ सकते हैं।