कागज पर उकेरा जंगल का सपना : वन्यजीव संरक्षण सप्ताह का आगाज..

कागज पर उकेरा जंगल का सपना : सांवरी परिक्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह का आगाज

जंगल सिर्फ पेड़ों का झुरमुट नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं और वन्यजीव प्रकृति की आत्मा। इसी संदेश को आने वाली पीढ़ी के मन में रोपने के उद्देश्य से भारत में प्रतिवर्ष अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करना तथा जैव विविधता के महत्व के प्रति समाज को जागरूक करना है।

इसी कड़ी में वनमंडल पश्चिम छिंदवाड़ा के सांवरी वनपरिक्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह 2026 की शुरुआत पर्यावरणीय उल्लास के साथ हुई। पी.एम. श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंडाली कला और कुंडाली खुर्द हाई स्कूल में निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों स्कूलों के 120 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों को वन्यजीव संरक्षण की शपथ दिलाकर की गई। नन्हे हाथों ने रंगों और शब्दों के माध्यम से बाघ, तेंदुए, पक्षियों और हरे-भरे जंगलों के प्रति अपने मनोभाव कागज पर उकेरे। किसी ने निबंध में जंगल बचाने का संकल्प लिखा, तो किसी ने चित्रकला में मानव और वन्यजीव के सह-अस्तित्व का सुंदर सपना सजाया।

वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का धर्म है। जंगल रहेंगे तो जल रहेगा, जल रहेगा तो जीवन रहेगा।

वन परिक्षेत्र अधिकारी हिमांशु विश्नेवकर्मा ने बताया कि आगामी दिवसों में वन्यजीवों पर आधारित वॉल पेंटिंग, रंगोली और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। सप्ताह के समापन पर विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि प्रकृति के प्रति यह लगाव एक अभियान का रूप ले सके।