छिंदवाड़ा में चीख-पुकार: रोटी की तलाश में निकले मजदूरों का सफर बना आखिरी, भीषण सड़क हादसे में 5 की दर्दनाक मौत
जिंदगी की जद्दोजहद और दो वक्त की रोटी की आस में घर से निकले मजदूरों ने शायद ही सोचा होगा कि आज का सफर उनका आखिरी सफर बन जाएगा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर टेमनी खुर्द के पास एक ऐसा दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने कई परिवारों की खुशियां पल भर में छीन लीं। मजदूरों से भरी एक पिकअप वैन और ट्रक की आमने-सामने हुई इस भीषण टक्कर में 5 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
सड़क पर पसरा मातम और बिखरी जिंदगियां
हादसा इतना वीभत्स था कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए। जो मजदूर कुछ देर पहले अपने बच्चों और परिवार के लिए पसीने की कमाई का हिसाब लगा रहे थे, वे इस जोरदार टक्कर के बाद छिटक कर दूर जा गिरे।
घटनास्थल का मंजर रूह कंपा देने वाला और विचलित करने वाला था। सड़क पर दूर-दूर तक खून बिखरा था और बेबस जिंदगियां यहां-वहां पड़ी थीं। शवों की हालत इतनी क्षत-विक्षत थी कि उन्हें कपड़ों की पोटलियों में समेटना पड़ा। बताया जा रहा है कि सभी अभागे मजदूर ‘मछेरा’ गांव के निवासी थे। एक ही झटके में इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे मातम और चीख-पुकार में डुबो दिया है।
राहत कार्य और प्रशासनिक मुस्तैदी
चीख-पुकार और बदहवासी की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला फौरन मौके पर पहुंचा:
- बचाव अभियान: घटनास्थल पर युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया गया और मलबे के बीच से लोगों को निकाला गया।
- घायलों का इलाज: खून से लथपथ 20 घायलों को तुरंत नजदीकी और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी सांसें बचाने की जद्दोजहद जारी है।
- आधिकारिक पुष्टि: सिविल सर्जन सुशील दुबे ने दुखद पुष्टि करते हुए बताया कि जान गंवाने वाले 5 लोगों में 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। पुलिस अब इस दर्दनाक हादसे के असल कारणों की गहनता से जांच कर रही है।
जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर
इस हृदयविदारक घटना की खबर सुनते ही पांढुर्ना विधायक नीलेश उइके तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दुख जताते हुए बताया, “छिंदवाड़ा-बैतूल हाईवे पर यह एक बेहद भयंकर और दुखद हादसा है। कम से कम 5 लोगों ने अपनी जान गंवाई है और कई गंभीर रूप से घायल हैं। हमारी पहली प्राथमिकता अस्पताल में घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराना है।”
एक चुभता हुआ सच: सड़कें हमेशा हमें हमारी मंजिलों तक ले जाने का वादा करती हैं, लेकिन जब इन्हीं सड़कों पर गरीब मजदूरों के पसीने की जगह उनका खून बहता है, तो यह हर किसी को निशब्द कर देता है।