उच्च शिक्षा की रीढ़ हैं अतिथि विद्वान : मुख्यमंत्री

सूबे के सरकारी महाविद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध सेवा देने वाले महाविद्यालयीन अतिथि विद्वानों की भविष्य सुरक्षा पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अब कोई भी कार्यरत अतिथिविद्वान सेवा से बाहर नही किया जाएगा,इसके लिए नीति निर्माण किया जाएगा।मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित पंचायत में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कोई भी अतिथि विद्वान फालेन आउट नही किया जाएगा और अतिथि विद्वानों को प्रतिदिन के मान से नही बल्कि अब फिक्स वेतनमान दिया जायेगा।इसके पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने अतिथिविद्वानों की प्रशंसा करते हुए अतिथिविद्वानों को नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शानदार योगदान हेतु बधाई दी।वास्तव में शासकीय महाविद्यालयों के संचालन में अतिथि विद्वान महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते आ रहे है तथा अपने नियमितीकरण व भविष्य सुरक्षित करने के लिए कई बार बड़े प्रदर्शन कर चुके थे।
घोषणा के प्रमुख बिंदु ;-
1:- कोई भी अतिथि विद्वान अब सेवा से बाहर नहीं किए जाएंगे।
2:- अतिथि विद्वानों को मानदेय नहीं अब फिक्स वेतन 50 हजार तक दिया जाएगा।
3:- पीएससी भर्ती में 25 प्रतिशत सीट अतिथि विद्वानों के लिए आरक्षित रहेगी
4:- पीएससी परीक्षा में 20 अंक की जगह 10 प्रतिशत दिए जाएंगे।
5:- फालेंन आउट अतिथि विद्वानों को फिर रिक्त पदों पर मौका दिया जाएगा।
6:- वर्ष में एक बार पास के महाविद्यालय में स्थांतरण की सुविधा दी जाएगी।
जैसा की विदित हो कि विपक्ष में रहते हुए खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि विद्वानों के आंदोलन में शिरकत करते हुए नियमितीकरण भविष्य सुरक्षित का वादा कर चुके थे। इस पंचायत में राज्य कर्मचारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा,सुल्तान सिंह शेखावत कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त,शिव चौबे कैबिनेट मंत्री दर्जा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल रहे।वहीं अतिथि विद्वान महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ आशीष पांडेय ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा की अतिथि विद्वानों के लिए आज का दिन अच्छा रहा।अगर सरकार नियमित कर देती तो खुशी दुगुनी हो जाती।माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कर्मचारी संघ के सम्मानित पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करता हूं।
आज़ की पंचायत यागदार रही,आज से अतिथि विद्वान एक सरकारी सिस्टम में और अच्छे से सम्मिलित हो गए।माननीय मुख्यमंत्री जी का सादर आभार। अगर अतिथि विद्वानों को नियमित करने की घोषणा हो जाती तो और ज्यादा खुशी मिलती।सूरज निकलेगा ज़रूर निकलेगा अतिथि विद्वानों की मांग जरूर पूरी होगी।
डॉ देवराज सिंह,अध्यक्ष अतिथि विद्वान महासंघ
अतिथि विद्वानों की समस्याओं का समाधान की तरफ़ सरकार ने कदम उठाया है,मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद उन्होंने समझा और अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित करने हेतु कदम उठाया।
डॉ मंसूर अली
प्रवक्ता, अतिथिविद्वान महासंघ