सड़कें बन रहीं मौत का सफर: सौसर में भीषण हादसे ने फिर छीना एक घर का सहारा
सौसर/छिंदवाड़ा। जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं की कड़ी में आज सोमवार सुबह एक और दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। छिंदवाड़ा-सौसर हाईवे पर छात्रावास के समीप कार और बाइक की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में सौसर निवासी मनोहर भोयर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी सुखदेव बावने गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल सौसर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भयावह थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही सौसर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त कार तथा उसके चालक को अपने कब्जे में लेकर मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।
हर हादसा सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बिखरता हुआ एक परिवार है
छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे अब गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। लगभग हर सप्ताह किसी न किसी सड़क पर किसी घर का चिराग बुझ रहा है। तेज रफ्तार, लापरवाही, यातायात नियमों की अनदेखी और कई स्थानों पर सड़क सुरक्षा संबंधी कमियां मिलकर इन दुर्घटनाओं को और घातक बना रही हैं।
दुर्भाग्य यह है कि हादसे के बाद कुछ दिनों तक संवेदनाएं व्यक्त होती हैं, जांच शुरू होती है, लेकिन सड़क सुरक्षा को लेकर स्थायी और प्रभावी कदम अक्सर दिखाई नहीं देते। परिणामस्वरूप वही सड़कें फिर किसी नए हादसे की गवाह बन जाती हैं।
अब केवल संवेदना नहीं, ठोस कार्रवाई की जरूरत
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक वाहन चालक की भी नैतिक जिम्मेदारी है। नियमों का पालन, नियंत्रित गति, सावधानीपूर्वक वाहन संचालन और दुर्घटना संभावित स्थलों पर प्रभावी सुरक्षा उपाय ही ऐसी त्रासदियों को कम कर सकते हैं।
सवाल यह है कि आखिर कितनी और जानें जाने के बाद सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी? यदि समय रहते ठोस और व्यापक कदम नहीं उठाए गए, तो छिंदवाड़ा की सड़कें इसी तरह परिवारों के सपनों को कुचलती रहेंगी।