कामाख्या देवी (असम) के लिए रवाना हुई विशेष ट्रेन ! मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत जिले के 196 बुजुर्ग श्रद्धालु असम स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ के दर्शन करेंगे। स्टेशन पर जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने फूल-माला पहनाकर विदा किया ..
श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पर देखने को मिली। मध्य प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के अंतर्गत, छिंदवाड़ा जिले के बुजुर्गों का एक बड़ा सपना साकार होने जा रहा है। गत दिवस शाम, जब सूरज ढल रहा था, तब छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन से 196 तीर्थयात्रियों का जत्था, असम के गुवाहाटी में स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ, मां कामाख्या देवी के दर्शन के लिए एक विशेष ट्रेन से रवाना हुआ।
राकेश प्रजापति
शाम के ठीक 6 बजकर 25 मिनट पर जैसे ही विशेष ट्रेन ने प्लेटफॉर्म छोड़ा, पूरा स्टेशन परिसर ‘जय मां कामाख्या’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गूंज उठा। बुजुर्गों के चेहरों पर आस्था की चमक और आंखों में जीवन के इस पड़ाव पर तीर्थ करने का संतोष साफ देखा जा सकता था।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना न केवल प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को देश के पवित्र धार्मिक स्थलों से जोड़ रही है, बल्कि यह हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को भी सुदृढ़ कर रही है। इस यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया।
प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ख्याल रखा गया है। बुजुर्गों को सफर में कोई परेशानी न हो, इसके लिए ट्रेन में उनके साथ 4 शासकीय कर्मचारियों को बतौर गाइड भेजा गया है, जो पूरी यात्रा के दौरान उनकी देखरेख करेंगे।
स्टेशन पर तीर्थयात्रियों को विदा करने जनप्रतिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी ने यात्रियों का फूल-माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
इस भावुक और गरिमामय अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि यह योजना महज एक यात्रा नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार की बुजुर्गों के प्रति आदर और सामाजिक समरसता की प्रतिबद्धता है।
प्रशासन की ओर से भी मुस्तैदी दिखाई दी। एसडीएम सुधीर जैन, डिप्टी कलेक्टर रमेश कुमार मेहरा और तहसीलदार आकाश डहारे सहित तमाम अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और यात्रियों को सुखद सफर की शुभकामनाएं दीं।
घर की दहलीज से लेकर ट्रेन की सीट तक सरकार के इस सहयोग ने इन बुजुर्गों के चेहरों पर जो मुस्कान बिखेरी है, वह इस योजना की वास्तविक सफलता की कहानी कहती है। छिंदवाड़ा से शुरू हुआ आस्था का यह सफर, असम की पावन धरती पर मां कामाख्या के चरणों में जाकर पूर्ण होगा।