ई-विकास प्रणाली से किसानों को मिलेगी कतारों से मुक्ति: प्रभारी मंत्री ने की उर्वरक वितरण की समीक्षा
तकनीक और कृषि के संगम से छिंदवाड़ा के किसानों के लिए खाद की किल्लत और लंबी लाइनों का दौर अब बीते कल की बात होने जा रहा है। जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री ने ‘ई-विकास प्रणाली’ की ताकत को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि अब किसान अपनी मर्जी के केंद्र से, अपनी पात्रता की पूरी खाद एक साथ उठा सकेंगे। प्रशासन के पास एक लाख मैट्रिक टन का सुरक्षित भंडार है, बस ज़रूरत है तो किसानों द्वारा ई-टोकन अपनाकर अपनी सुविधा सुनिश्चित करने की।
छिंदवाड़ा // डिजिटल तकनीक से सुदृढ़ होती कृषि व्यवस्था: अब एक ही टोकन पर मिलेगी पात्रता की पूरी खाद
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिले की कृषि प्रगति और खाद वितरण व्यवस्था को लेकर बड़े निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए माननीय प्रभारी मंत्री ने ‘ई-विकास प्रणाली’ की समीक्षा की और इसे किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया।
लाइन का झंझट खत्म, तकनीक से सुगम हुआ खाद का उठाव
प्रभारी मंत्री ने कहा कि ई-विकास प्रणाली के माध्यम से अब किसान घर बैठे ई-टोकन बुक कर अपनी सुविधानुसार विक्रय केंद्र का चयन कर सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
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ई-टोकन सुविधा: किसान अपनी मर्जी के केंद्र से खाद उठा सकेंगे, जिससे केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों और अव्यवस्था से पूर्णतः निजात मिलेगी।
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एकमुश्त वितरण: शासन के नए निर्देशों के तहत 05 मई से किसान अपनी भूमि की पात्रता के अनुसार सभी आवश्यक उर्वरकों की पूरी मात्रा एक ही बार में प्राप्त कर सकते हैं।
आंकड़ों में जिले की स्थिति
उप संचालक कृषि, श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि 01 अप्रैल से अब तक जिले के 18,674 किसान ई-विकास पोर्टल का लाभ उठा चुके हैं, जिसके माध्यम से लगभग 6,700 मैट्रिक टन उर्वरक का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया गया है।
भंडारण में आत्मनिर्भर छिंदवाड़ा: कलेक्टर की अपील
कलेक्टर छिंदवाड़ा ने जिले के सभी सहकारी समितियों, मार्कफेड, एमपी एग्रो और निजी विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि ई-टोकन प्रक्रिया में किसानों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। प्रशासन ने खाद की उपलब्धता के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 1 लाख मैट्रिक टन उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है:
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यूरिया, एन.पी.के. एवं डी.ए.पी.: 75,000+ मैट्रिक टन
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पोटाश: 5,000 मैट्रिक टन
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सिंगल सुपर फास्फेट: 19,300 मैट्रिक टन
कलेक्टर एवं कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे सीजन की भीड़ और अंतिम समय की असुविधा से बचने के लिए तत्काल ई-टोकन बुक कर अपनी खाद का उठाव सुनिश्चित करें।
प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन: प्रभारी मंत्री का जताया आभार
बैठक का एक भावुक क्षण तब आया जब जिले के प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों ने माननीय प्रभारी मंत्री से मुलाकात की। किसानों ने उन्हें जैविक उत्पादों की टोकनी भेंट कर जिले में ‘साप्ताहिक जैविक हाट बाज़ार’ प्रारंभ करने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। यह पहल जिले में जैविक खेती के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है।