PMGSY घोटाले पर सियासी विस्फोट: नकुलनाथ तय करेंगे आंदोलन की दिशा

नकुलनाथ करेंगे बड़ा ऐलान, PMGSY भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार

छिंदवाड़ा // प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में जिले भर में सामने आ रहे भारी भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और GM कविता पटवा की विवादास्पद कार्यप्रणाली अब सीधे सियासी संघर्ष की शक्ल लेने जा रही है। आज जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ के छिंदवाड़ा आगमन के साथ ही यह मुद्दा निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।

सूत्रों के अनुसार, नकुलनाथ अपने निर्धारित सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद PMGSY के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, अनियमितताओं और सुनियोजित भ्रष्टाचार को लेकर धरना–प्रदर्शन और चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे।

“भाजपा संरक्षण में चल रही लूट को जनता के सामने लाया जाएगा”

नकुलनाथ के करीबी सूत्रों का कहना है कि वे इस बात से बेहद व्यथित हैं कि—

  • ग्रामीण अंचलों में सड़कें जर्जर हैं

  • घटिया सामग्री से निर्माण हो रहा है

  • जनमन योजना जैसे संवेदनशील कार्यों में खुली लापरवाही बरती जा रही है

  • और GM कविता पटवा पर गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही

सूत्र बताते हैं कि नकुलनाथ का साफ मानना है कि—

“यह भ्रष्टाचार किसी एक अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा नेताओं के संरक्षण में सुनियोजित तरीके से लूट का तंत्र खड़ा किया गया है, जिसे अब जनता के सामने उजागर किया जाएगा।”

भोपाल से आई जांच टीम को गुमराह करने का आरोप

इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है वह तथ्य, जो समाचार माध्यमों के खुलासों के बाद सामने आया। बीते दिनों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना भोपाल से एक उच्चस्तरीय दल छिंदवाड़ा पहुंचा था।

जानकारों के अनुसार—

  • GM कविता पटवा ने जांच दल को वास्तविक स्थिति से गुमराह किया

  • संबंधित सड़कों के निर्माण से जुड़े ठेकेदारों और एजेंसियों को कांग्रेसी बताकर

  • पूरे भ्रष्टाचार का ठीकरा कांग्रेस और ठेकेदारों के माथे मढ़ने का प्रयास किया गया

इसी रवैये से नकुलनाथ खासे नाराज़ बताए जा रहे हैं। उनका मानना है कि—

“जब जांच को ही प्रभावित किया जाएगा, तो सच्चाई कैसे सामने आएगी?”

भाजपा के वरिष्ठ मंत्री का संरक्षण ?

 इसलिए साधी गई है चुप्पी ?

सूत्रों में यह चर्चा भी तेज है कि GM कविता पटवा को भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का संरक्षण प्राप्त है, जो पहले केंद्र सरकार में मंत्री रहे और वर्तमान में प्रदेश सरकार में प्रभावशाली पद पर हैं। बताया जा रहा है कि—

  • इसी राजनीतिक संरक्षण के चलते GM के हौसले बुलंद हैं

  • जिला भाजपा नेतृत्व भी पूरे मामले में जानबूझकर चुप्पी साधे हुए है

  • विभागीय और राजनीतिक स्तर पर डेमेज कंट्रोल की कोशिशें की जा रही हैं

यह चुप्पी अब खुद कई सवाल खड़े कर रही है।

 सियासी जंग का मैदान तैयार

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कथित भ्रष्टाचार से—

  • ग्रामीण जनता प्रभावित है

  • ठेकेदारों में आक्रोश है

  • और अब यह मुद्दा भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी राजनीतिक लड़ाई में तब्दील होता नजर आ रहा है

कौन इस कथित भ्रष्टाचार से पोषित हो रहा है,
कौन संरक्षण दे रहा है,
और कब तक सड़कों पर गड्ढों के बीच ग्रामीणों की जिंदगी दांव पर रहेगी— इन सवालों के जवाब आने वाला वक्त देगा।
लेकिन इतना तय है कि PMGSY घोटाला अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा।