भोपाल से लेकर छिंदवाड़ा तक हड़कंप — नकुलनाथ की चेतावनी से राजनीति गरमाई, GM पर गाज गिरने के संकेत
छिंदवाड़ा // प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में चल रहे घोटालों की गूंज अब सिर्फ जिले तक सीमित नहीं रही। भोपाल में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेने के बाद, अब इस मुद्दे पर राजनीतिक पारा भी चढ़ चुका है।
नकुलनाथ का सख्त रुख — जांच और आंदोलन की चेतावनी
जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने जिले भर की घटिया सड़कों और जर्जर निर्माण कार्यों पर संज्ञान लेते हुए—
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उच्चस्तरीय जांच की मांग और जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की खुली चेतावनी दी है ! इस बयान के बाद—
@ PIU के अधिकारियों में खलबली
@ राजनीतिक गलियारों में हलचल
@ विभागीय अफसरों में बचाव की रणनीति
राजनीतिक दबाव से विभाग में अफरा-तफरी
सूत्रों के मुताबिक, अब स्थिति यह है कि—
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अधिकारी फोन पर सफाई दे रहे हैं
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फाइलें तेजी से खंगाली जा रही हैं
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पुराने निरीक्षण रिपोर्ट बदले जाने की चर्चाएं
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और GM कविता पटवा को लेकर “ ऊपर तक रिपोर्ट ” पहुंच चुकी है
यह भी चर्चा जोरों पर है कि—
@ GM कविता पटवा पर जल्द ही गाज गिर सकती है
@ विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है
@ डेमेज कंट्रोल की असफल कोशिशों से हालात और बिगड़ गए हैं !
कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सामने आ रहे मामलों को लेकर सरकार और विभाग पर जोरदार हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना गरीब और ग्रामीण जनता के लिए बनी थी, लेकिन छिंदवाड़ा में यह योजना भ्रष्टाचारियों की कमाई का जरिया बन चुकी है। सड़कों की हालत देखकर साफ है कि नीयत में खोट है और निगरानी पूरी तरह फेल हो चुकी है।”
कांग्रेस नेता ने महाप्रबंधक की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि “जब जिले भर की सड़कें जर्जर हैं, घटिया सामग्री का खुलेआम उपयोग हो रहा है और जनमन योजना जैसे संवेदनशील कार्यों की मॉनिटरिंग भगवान भरोसे है, तब महाप्रबंधक की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है। एक तरफ चुनिंदा ठेकेदारों पर कार्रवाई, दूसरी तरफ पसंदीदा लोगों को खुली छूट—यह तानाशाही नहीं तो और क्या है ?”
उन्होंने चेतावनी दी “यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। यह सिर्फ ठेकेदारों का नहीं, बल्कि ग्रामीण जनता के अधिकारों का मामला है।”
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) की तीखी प्रतिक्रिया
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एस सी मोर्चा के राष्ट्रिय अध्यक्ष सतीश नागवंशी ने विशेष रूप से जनमन योजना और आदिवासी अंचलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया।
श्री नागवंशी ने कहा कि “जनमन योजना आदिवासी समाज के लिए जीवन रेखा है, लेकिन छिंदवाड़ा में इस योजना को भ्रष्ट अफसरों और ठेकेदारों ने मिलकर लूट का साधन बना दिया है। एक इंजीनियर के भरोसे सैकड़ों किलोमीटर क्षेत्र का काम दिखाना सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा है।”
GM कविता पटवा पर सीधा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि “आदिवासी क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति कठिन है, वहां गुणवत्ता और निगरानी की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन यहां तो जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। यह प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश लगती है।”
GGP नेता ने आगे कहा “यदि आदिवासी इलाकों में घटिया सड़कें बनीं और जनमन योजना का पैसा इसी तरह लूटा गया, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी गांव-गांव जाकर आंदोलन करेगी। जरूरत पड़ी तो भोपाल और दिल्ली तक आवाज उठाई जाएगी।”
जनता पूछ रही है — जवाबदेही कब तय होगी ?
ग्रामीण क्षेत्रों की जनता आज भी—
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खराब सड़कों से जूझ रही है
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स्कूल, अस्पताल, बाजार जाने में परेशान है
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और योजनाओं के नाम पर हो रही लापरवाही की कीमत चुका रही है
अब सवाल सिर्फ GM कविता पटवा का नहीं, पूरे सिस्टम की जवाबदेही का है।