जिले के ट्रायबल विभाग का भगवान् ही मालिक है ,आए दिन कोई न कोई घोटालों से जुडा मामला सामने आने पर विभाग लगातार सुर्खियों में बना रहता है ! शायद अधिकारियों का ऐसा मानना है की जिले का कोई विभाग तो है ,जो भर्ष्टाचार की जड़ों में लगातार खाद-पानी डालकर उसे ज़िंदा रखे हुए है ! भर्ष्टाचार का अब ये वृक्ष पुष्पित पल्लवित हो कर विभाग के आलाधिकारियो की अबैध कमाई की वासना को संतुष्ट कर रहा है ….
छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव ब्लॉक अंतर्गत कन्या शिक्षा परिसर में पदस्थ चर्चित प्राचार्या नाजमीन खान के विरुद्ध सहायक आयुक्त सतेंद्र मरकाम द्वारा एफआईआर दर्ज कराने बीईओ को पत्र लिखा गया है। एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी बीईओ ओ पी जोशी द्वारा मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। जबकि अब करीब एक वर्ष बाद प्राचार्या नाजमीन खान द्वारा कुछ दस्तावेज जिला कार्यालय में प्रस्तुत किया गया है।
जानकारों के मुताबिक छात्रावास मरम्मत सहित अन्य कामकाज के लिए शासन द्वारा 20 लाख 90 हजार रुपए का आवंटन किया गया था। जिसमें से 5 लाख रुपए तक की राशि खर्च करने का अधिकार प्राचार्या को करना था। परन्तु शेष राशि का गोलमाल किया जाना बताया जा रहा है ! प्रच्चार्या द्वारा शेष कहा खर्च की गई इसका कोई संतोष जनक उत्तर नही मिल पा रहा है !
जानकारी मांगने पर प्राचार्या बीते एक साल से ट्रायबल विभाग के अफसर को टालमटोल कर रही है । ना ही दस्तावेज उपलब्ध कराया जा रहा था। ऐसे में सहायक आयुक्त द्वारा प्राचार्या के विरुद्ध शासकीय राशि गबन के मामले में एफआईआर दर्ज कराने बीईओ को पत्र लिखा गया। जिसके बाद अब प्राचार्या द्वारा कुछ दस्तावेज विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। ऐसे में अब अफसर दस्तावेजों का परीक्षण करने की बात कह रहे है। जिसके बाद ही कोई कार्यवाही हो सकेगी।