देश कल परिस्थितियों के साथ हर चीज में परिवर्तन की आवशकता होती है ! सैधांतिक लोग जब व्यक्ति बिशेष की चरण वंदना में लग जाते है तो फिर वहां से नीतियों का क्षरण होने लगता है ! इन्ही सब बातों को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रचारकों ने भोपाल में नए राजनीतिक दल जनहित पार्टी का गठन किया। भोपाल पहुंचे पूर्व प्रचारकों ने पांच सूत्रीय एजेंडा तय किया है। इस एजेंडे पर भी भाजपा सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव में घरेंगे ….
नवगठित जनहित पार्टी गठित करने वालों में अभय जैन ने बताया कि आगामी रणनीति को लेकर मंथन किया गया। इसमें रीवा, भिंड और मालवा के सदस्य शामिल हुए। इसके अलावा झारखंड से भी कुछ लोग आए थे। उन्होंने बताया कि जनता की समस्या को लेकर प्रदेश भर में आंदोलन करेंगे। इसके अलावा मौजूदा समय में नाखुश और समान विचारधारा के लोगों को नई पार्टी से जोड़ा जाएगा। उन्होंने भाजपा को चुनाव में घेरने के सवाल पर कहा कि वह किसी राजनीतिक पार्टी को टारगेट करने के बजाए जनहित के मुद्दों को ध्यान केंद्रित कर आगे बढ़ेगे।
चुनाव में प्रत्याशी खड़े करेंगे
श्री जैन ने कहा कि जिन विधानसभा सीट पर उनके लोग है, उनको प्रत्याशी के रूप में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य वर्तमान राजनीति की विकृत और अवसरवादी होती संस्कृति में बदलाव लाना है। इसके अलावा सरकारी सिस्टम को सुधारना भी बहुत जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता को पूछपरख की सोच को बदलने का प्रयास करेंगे। राजनीतिक पार्टियां खास तौर पर सत्ता में बैठी पार्टी चुनाव के समय जनता को सौगातें और घोषणाओं का अंबार लगा देती है। आज आम आदमी पार्टी सरकार व्यवस्था से परेशान है। इसमें सुधार लाने का प्रयास हमारी जनहित पार्टी करेगी।
जैन ने कहा कि देश की जनता स्वच्छ राजनीति चाहती है, लेकिन नेता आज उनके मुद्दे ही भूल गए है। उन्होंने भाजपा को ही ले लीजिए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महान विचारकों ने जिन विचारों से पार्टी की स्थापना की थी, वह विचार आज गायब है। हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का पालन कर एक उदाहरण पेश करेंगे। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह पूर्व प्रचारक अपने संपर्कों से अपनी पार्टी को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि यदि यह जनता का विश्वास जीतने में सफल होती है तो भाजपा की प्रदेश में मुसीबत बढ़ सकती है। मिडिया रिपोर्ट