प्रथम द्रष्टाया तो दोनों डिविजन (पश्चिम और वन मंडल उत्पादन ) के Dfo इसके लिए गुनाहगार है , क्यों न इनके ऊपर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए ? मुख्य वन संरक्षक पर भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए ..
वन वृत छिंदवाडा में सही मानों में जंगल राज चल रहा है ! अधिकारी अपने वातानुकूलित कमरों में बैठे-बैठे तुगलकी फरमान जारी करते है ,इसका क्या असर जमीनीअमले में पढ़ रहा है उससे बेखबर ये दरिन्दे एक-तरफ़ा चांदी काटने का काम कर रहे है ! अगर कोई अदना सा कर्मचारी अपनी समस्याओं से अवगत करता है तो भी इन दरिंदों को कोई फर्क नहीं पड रहा है ! इसी कि बानगी है की वनरक्षक जैसे छोटे कर्मचारी को इन दरिंदों ने इस कदर मानसिक ,आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया की उसने कल आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली …..राकेश प्रजापति
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे अनुमति प्राप्त जिसमे आवेदक ने मुख्य वनसंरक्षक कार्यालय एवं जिला कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा को दिएआवेदन में उच्च अधिकारी (DFO) से प्रताड़ित होकर आत्महत्या करने की अनुमति मांगने की गुहार की थी , इस अतिगंभीर मामले को भी न तो मुख्य वन संरक्षक ने गंभीरता से लिया और न ही इस जिले के कलेक्टर ने जिनके हाथों जिले की कमान है , असंवेदनशील और बेशर्म होती व्यवस्था का यह मंजर सभ्य समाज को कलंकित कर देने बाला ही कहा जाएगा !
अब सवाल यह है की इस सताए हुए मृतक वनरक्षक की मौत का गुनाहगार किसे ठहराया जाए , प्रथम द्रष्टाया तो दोनों डिविजन (पश्चिम और वन मंडल उत्पादन ) के Dfo इसके लिए गुनाहगार है , क्यों न इनके ऊपर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए ?
आत्महत्या की अनुमति के आवेदन में मृत वनरक्षक लोधी ओमप्रकाश वर्मा जिसने दो आधिकारिक डिवीजन द्वारा जिसमें पश्चिमी वन मंडल छिंदवाड़ा एवं वन मंडल उत्पादन अधिकारी छिंदवाड़ा से उसे आधिकारिक तौर से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है मृत वनरक्षक के आरोप के अनुसार आरोप पत्र में उसके निलंबन,असंच्य वेतन वृद्धि रोककर तथा निलंबन अवधि के दौरान कटी हुई वेतन और समयमान वेतनमान लाभ 2017 से नहीं दिए जाने तथा सवा साल से चार बार स्थानांतरण कर प्रताड़ित किया गया , जिसमें उसका स्थानांतरण सांवरी,देलखारी सांगाखेड़ा और वर्तमान में उत्पादन वन मंडल सलैया डिपो हर्रई जिसमें वर्तमान में वह पदस्थ था !
जिसका भी बीते 9 माह से वेतन उसे प्राप्त नहीं हुआ था उपरोक्त आवेदन से यह ज्ञात होता है कि उसे उच्च अधिकारियों द्वारा उसे प्रताड़ित किए जाने के आशाय से जानकारी प्रेषित की गई है
वायरल आवेदन में वन संरक्षक के समीप 6 6.2024 और कलेक्टर महोदय की प्राप्ति की सील स्पष्ट नजर आ रही है संबंधित आवेदन की सत्यता जांच का विषय है जिसे पुलिस को अपने संज्ञान में लेकर आगे कार्रवाई किया जाना चाहिए संलग्न ग्रामीण विकास मंत्रालय प्रहलाद पटेल एवं मुख्य संरक्षक छिंदवाड़ा दोनों के लिए प्रतिलिपि भी स्पष्ट नजर आ रही है
मृतक वनरक्षक लोधी ओमप्रकाश वर्मा श्रीवास्तव कॉलोनी में अपने घर में मृत अवस्था में पाए गए धर्म टेकड़ी पुलिस चौकी से मिली जानकारी के अनुसार उनके घर से बदबू आ रही थी जिसकी कल जानकारी प्राप्त होने पर जब वहां जाकर जांच की गई तो वहां उसका शव पाया गया पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है !
पड़ोसिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार वनरक्षक मानसिक रूप से प्राताड़ित होने के कारण मदिरापान करने लगा था , आर्थिक परेशानियों ने उसके परिवार को उससे अकेला कर दिया था ! जानकारों के मुताबिक ओम प्रकाश को उसकी मां ने 8 तारीख को देखा था,उसके बच्चे एवं पत्नी कुछ दिन से उसके साथ नहीं थे !
हर्रई के सलैया काष्ठागार प्रमुख विकास मिश्रा से जानकारी प्राप्त हुई कि लोधी ओमप्रकाश वर्मा वह काष्ठागार में पदस्थ थे किंतु उनकी उपस्थिति बहुत कम रहती थी क्जैयोंकि वह अपनी परेशानियों के चलते आफिसों के चक्कर काटता रहता था …..जारी