जिला बनाने के विरोध में अर्धनग्न प्रदर्शन ..

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बीते दिनों पांढुर्ना को जिला बनाने की घोषणा के बाद से पांढुर्ना और सौंसर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन की आग तेज हो गई है ! क्षेत्र के बुद्धिजीवी और प्रगतिशील विचारधार के लोगों का मानना है की यह मुख्यमंत्री का अविवेकपूर्ण निर्णय है ! उनके इस निर्णय से ना तो पांढुर्ना और ना ही सौंसर क्षेत्र को कोई विशेष फायदा होने बाला है बल्कि इन दोनों ही क्षेत्र का भूगोल और राजनैतिक, आर्थिक गतिविधियों पर इसका दूरगामी विपरीत प्रभाव पडेगा ! जिससे क्षेत्र मौजूदा समय में जिस गति से विकास कर रहा है वह भविष्य में अवरुद्ध हो जाएगा ….

पांढुर्ना जिले में सौंसर को शामिल करने के विरोध में बुधवार को सौंसर को जिला बनाओ अभियान समिति के बैनर तले अर्धनग्न प्रदर्शन किया गया। मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी! कल नगर के गांधी चौक से समिति के कार्यकर्ता व विविध संगठनों के पदाधिकारी छत्रपति शिवाजी तिराहा पहुंचे। शिवाजी महाराज के प्रतिमा के सामने लोगों ने जमकर नारे बाजी की और अर्धनग्न प्रदर्शन किया

आन्दोलन को संबोधित करते हुए आनेक वक्ताओं ने कहा कि पांढुर्ना जिला में सौंसर को शामिल करने के पूर्व लोगों का अभिमत नहीं जाना गया। यह सौंसर की जनता के साथ अन्याय है। प्रदर्शन स्थल पर समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर अंबडकार ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं सौंसर के स्वाभिमान की है। विरोध प्रदर्शन में विधायक विजय चौरे, पूर्व विधायक रामराव महाले, पूर्व नपा अध्यक्ष संजय राठी, राजीनतिक दलों के नेता, विविध संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।

ज्ञात हो कि मंगलवार की शाम को सौंसर के वकीलों ने भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया।विरोध प्रदर्शन का यह सिलसिला निकट भबिष्य में और उग्र रूप धारण करेगा ऐसा लोगों का मानना है ! साथ ही स्थानीय सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं के प्रति लोगों में गुस्सा फूटने की संभावनाओं से इन्कार नही किया जा सकता है !