मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी में पौधरोपण के बाद कहा कि आज का दिन मेरे जीवन का सबसे सुखद और महत्वपूर्ण दिन है। महिला सशक्तिकरण मां-बेटी-बहन का कल्याण, उनको न्याय मिले और वह आगे बढ़ सके। उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार ना हो। वह वरदान है, उनके बिना दुनिया नहीं चल सकती। इसके लिए बरसो पहले अभियान प्रारंभ हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 के अंत में मुख्यमंत्री बनने के बाद बेटियों की शादी बोझ नहीं रहे, इसलिए हमने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना बनाई। 2006 में लाडली लक्ष्मी योजना बनाई। जिसे दूसरे राज्यों ने भी अपनाया। इस योजना का असर यह हुआ कि मध्य प्रदेश में सेक्स रेशो 1 हजार लड़कों पर 956 लड़कियां पैदा हो रही है। अब बेटी के जन्म पर आनंद मनाया जाता है। महिलाओं को स्थानीय निकाय और नौकरी में आरक्षण दिया। आज इस कड़ी में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना जुड़ रही है। छोटी-छोटी चीजों के लिए महिलाओं को परेशान होना पड़ता है। आज मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक हो गया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहानने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1 करोड़ 25 लाख के करीब महिलाओं के आवेदन आए है। 1 करोड़ 20 लाख महिलाओं के खाते में एक रुपए पहुंच गए है। कुछ महिलाओं के खाते में प्रक्रिया रह गई है। उनको जल्द पूरा कर पैसा डाला जाएगा। सीएम ने कहा कि यह योजना चुनाव देखकर नहीं बनाई गई। मिडिया रिपोर्ट