आबकारी का रिश्वतखोर बाबू गिरफ्तार ..

प्रदेश भर में लगातार कामचोर ,निकृष्ट और दलाल किस्म के लोगों की  शासकीय विभागों में भरमार है , हरामखोरी की प्रवृति पर रोक लगाने के लिए एजेंसिया लगातार सक्रिय है ,आये दिन हरामखोरो पर भर्ष्टाचार निरोधक एजेंसिया कार्यवाही कर रही है फिर भी इन पर ज़रा सा भी डर व भय देखने को नही मिला रहा है ! ज़ब तक सरकार इन्हें सेवा से बर्खास्त करने जैसा कदम नही उठाएगी तब तक यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं लेगा ,ऐसा प्रतीत हो रहा है ! सरकार को ऐसे प्रभावशाली कदम उठने ही होंगे ..

उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय जबलपुर में पदस्थ क्लर्क एरियर्स बिल बनाने के लिए रिश्वत मांग रहा था। लोकायुक्त ने दबिश देकर क्लर्क को 5 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक संजय साहू के अनुसार रामचरण प्रतापति (58) आबकारी विभाग के संभागीय उड़नदस्ते में मुख्य आरक्षक के पद पर पदस्थ है। उपायुक्त आबकारी ने उसे 2 दिसंबर 2018 से तृतीय उच्चतर समय वेतनमान प्रदान करने के आदेश जारी किए थे। मुख्य आरक्षक को वेतनमान तो मिल रहा था परंतु एरियर्स के करीब दस लाख रुपये बकाया थे।

एरियर्स का बिल बनाने के एवज में सहायक ग्रेड 3 कर्मचारी अशोक जायसवाल (34) पांच हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। इसकी शिकायत पीड़ित ने लोकायुक्त से की थी। पीड़ित ने जैसे ही कार्यालय में जाकर बाबू को रिश्वत की रकम दी, लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।