प्रदेश में भर्ष्टाचार के दंश ने पूरे तंत्र को एक तरह से निगलते जा रहा है ! आये दिन भर्ष्टाचार निरोधक एजेंसियां ऐसे सपोलों को पकड़-पकड़कर उनके सिरों को मसलने का काम कर रही है बावजूद इसके इन सपोलों की संख्या कम होने का नाम नही ले रही है , ऐसा ही एक अजीबोगरीब मामला सामने आया जिसमे रिश्वतखोर पटवारी सबूत मिटने के चक्कर में रिश्वत के नोटों को देखते ही देखते चबाकर निगल गया ….
मामला प्रदेश के कटनी जिले का है जिसमे पटवारी ने सीमांकन के नाम पर रिश्वत ली, जब लोकायुक्त टीम को सामने देखा तो उसने 5-5 सौ के 9 नोटों को एक-एक कर निगल गया। टीम उसे लेकर जिला अस्पताल भी पहुंची, पर नोट बरामद नहीं कर सकी। अन्य सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है..
ज्ञात हो कि मामला कटनी जिले के बिलहरी का है। यहां पारिवारिक जमीन के सीमांकन के लिए चंदन लोधी ने लोकसेवा केंद्र पर आवेदन किया था, लेकिन उसे शासन के दस्तावेजों पर चढ़ाने के नाम पर पटवारी गजेंद्र सिंह ने पांच हजार की रिश्वत मांग ली। कई मिन्नतों के बाद भी पटवारी नही माना तो चंदन लोधी ने मामले की शिकायत जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज करा दी। इसके बाद सोमवार को जबलपुर की सात सदस्यीय टीम ने मिलकर रिश्वतखोर पटवारी गजेंद्र सिंह को साढ़े चार हजार की रिश्वत लेते पकड़ा। लेकिन पटवारी ने मौका देख रिश्वत के पूरे नोटों को चबाकर निगल गया। पटवारी की इस हरकत से हैरान लोकायुक्त की टीम पटवारी को तुरंत पुलिस के साथ मिलकर जिला अस्पताल लाई। ताकि उसके पेट से नोट निकाले जा सकें, लेकिन डॉक्टरों की लाख कोशिश के बाद भी कुछ न हो सका।
लोकायुक्त टीम का नेतृत्व कर रहे कमल सिंह उईके ने बताया कि शिकायतकर्ता चंदन लोधी की शिकायत पर दबिश लेकर रिश्वतखोर पटवारी गजेंद्र सिंह को साढ़े चार हजार के साथ पकड़ा, लेकिन वो टीम को देखकर पैसे चबा चबाकर नोट खा गया। हालांकि टीम के पास वॉइस रिकॉर्डिंग से लेकर अन्य सबूत हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी गजेंद्र सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी ..मिडिया रिपोर्ट