दिव्य रजत महोत्सव : 25 वर्षों की साईं भक्ति का स्वर्णिम उत्सव
18 जनवरी को छिंदवाड़ा में निकलेगी भव्य एवं दिव्य विशाल साईं रथ यात्रा
छिंदवाड़ा//“श्रद्धा और सबूरी” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने वाले श्री शिरडी साईं बाबा की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर परसच्चिदानंद सेवा समिति, शिर्डी साईं मंदिर, विवेकानंद कॉलोनी द्वारा आयोजित दिव्य रजत महोत्सव अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में18 जनवरी 2026, रविवार को दोपहर 12 बजे शहर में एक अभूतपूर्व, भव्य एवं दिव्य विशाल रथ यात्रा एवं शोभा यात्राका आयोजन किया जाएगा।
यह रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पिछले 25 वर्षों की अखंड साईं साधना, सेवा और समर्पण की जीवंत झलक होगी, जिसमें साईं बाबा स्वयं काष्ठ से निर्मित भव्य रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
साईं भक्ति से सराबोर रहेगा संपूर्ण नगर
रथ यात्रा का शुभारंभ शिर्डी साईं मंदिर, विवेकानंद कॉलोनी से होगा और यह नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए छोटी बाजार स्थित शिर्डी साईं मंदिर में पूर्णता को प्राप्त करेगी। यात्रा मार्ग को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपने-अपने घरों के सामने रंगोली, स्वागत द्वार, दीप प्रज्वलन एवं पुष्प वर्षा कर साईं बाबा का स्वागत करने का अनुरोध किया है।
विशेष आग्रह किया गया है कि रथ में पूजन के उपरांत श्रद्धालु यात्रा के साथ पैदल चलकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
झांकियाँ, भजन, नृत्य और आदिवासी संस्कृति बनेगी आकर्षण का केंद्र
रथ यात्रा में आध्यात्मिकता के साथ-साथ सांस्कृतिक वैभव का भी अद्भुत संगम देखने को मिलेगा—
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भगवान महाकाल की जीवंत झांकी (निर्माता : पियूष शर्मा)
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बिछुआ विकासखंड की आदिवासी सेला नृत्य प्रस्तुति (जय बजरंग मंडल, सिलोटा रैख्यतवाड़ी)
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श्री शिरडी साईं बाबा की चलित झांकी, जिसमें साईं लीलाओं का सजीव चित्रण
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छिंदवाड़ा का प्रसिद्ध सरगम बैंड, साईं भजनों की भक्तिमय प्रस्तुति
यात्रा के दौरान पूजन-अर्चन, आतिशबाजी एवं प्रसाद वितरण की भी भव्य व्यवस्था रहेगी।
25 वर्षों की अखंड सेवा : साईं परंपरा का जीवंत केंद्र
सच्चिदानंद सेवा समिति द्वारा 20 नवंबर 1999 को श्री शिरडी साईं बाबा की प्रतिमा की स्थापना के साथ जिस सेवा यात्रा की शुरुआत हुई थी, वह आज 25 वर्षों की अखंड साधना का गौरवशाली इतिहास बन चुकी है। मंदिर में प्रतिदिन काकड़ आरती से लेकर शैज आरती तक सभी परंपरागत पूजन विधियाँ निरंतर संपन्न हो रही हैं।
विगत वर्षों में—
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राम नवमी, पुण्यतिथि, शरद पूर्णिमा
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दिंडी यात्रा, सुंदरकांड, भजन संध्या
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देश-विदेश के विख्यात भजन गायकों और संतों के प्रवचन
जैसे कार्यक्रमों ने इस मंदिर को साईं भक्ति का प्रमुख केंद्र बना दिया है।
सर्व समाज से सहभागिता का आह्वान
सच्चिदानंद सेवा समिति ने सभी साईं भक्तों, धार्मिक-सांस्कृतिक संस्थाओं, रामायण मंडलों, भजन मंडलों, महिला मंडलों एवं समाजसेवी संगठनों से आग्रह किया है कि वे तन-मन-धन से सहयोग कर अधिकाधिक संख्या में उपस्थित हों और इस ऐतिहासिक रजत महोत्सव के साक्षी बनें। पत्रकार वार्ता में समिति के अध्यक्ष एस. वी. पुराणिक,उपाध्यक्ष जयंत बक्षी,सचिव शिव माटे,कोषाध्यक्ष देव राव उपासे तथा आनंद बक्षी विशेष रूप से उपस्थित रहे।