कस्तूरबा गांधी आश्रम में 52 लड़कियां बीमार ..

प्रदेश के बड़वानी जिले  के निवाली स्थित सरकार द्वारा सहायता प्राप्त आश्रम में उस समय हड़कंप मच गया जब यहां रहने वाली 52 बच्चियां उल्टी दस्त जैसी बिमारी से ग्रषित  हो गई। यह शिकायत उन्हें खिचड़ी या दूषित पेयजल के चलते हुई। घटना के चलते आश्रम में हड़कंप मच गया। तुरंत बच्चियों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है ….

निवाली के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ मुकेश दांगी ने बताया कि शासन द्वारा सहायता प्राप्त कस्तूरबा कन्या आश्रम की 52 बच्चियां उलटी दस्त से प्रभावित हो गई। दांगी ने कहा कि आज सुबह दो बच्चियां शासकीय अस्पताल निवाली लाई गई थी। उन्हें डायरिया और वोमिटिंग की गंभीर तकलीफ थी। दोपहर बाद अन्य बच्चियों का आने का सिलसिला आरंभ हुआ और यह संख्या बढ़ कर 52 हो गई।

BMO श्री  दांगी ने बताया कि 10 बच्चियों को भर्ती कर उपचार आरंभ किया गया। शेष का प्राथमिक उपचार कर उन्हें आश्रम भेज दिया गया। 10 में से 6 बच्चियों की स्थिति और बिगड़ जाने पर उन्हें आज रात्रि जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से एक बच्ची के परिजन उसे सेंधवा स्थित निजी अस्पताल ले गए।

जिला अस्पताल से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर सुरेखा जमरे द्वारा मेडिकल टीम भेजी गई। टीम ने आश्रम में बच्चियों का मेडिकल टेस्ट किया। आश्रम में करीब 900 बच्चियां निवासरत हैं। उन्होंने बताया कि संभवतः दूषित भोजन या पानी के चलते यह स्थिति निर्मित हुई।

आश्रम की संचालिका पुष्पा सिन्हा ने बताया कि कल शाम बच्चों को खिचड़ी खिलाई गई थी। उधर तहसीलदार तथा अन्य अधिकारियों ने आश्रम का दौरा कर खिचड़ी तथा पेयजल के नमूने जांच के लिए एकत्रित किए हैं। जिला अस्पताल से भेजी गई डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ दिव्यानी अहरवाल ने बताया कि सभी बच्चियों की स्क्रीनिंग की गई है। खिचड़ी पेयजल और स्टूल के सैंपल जांच हेतु एकत्रित किए गए हैं।