अनुभूति के लिए प्रेरकों का प्रशिक्षण ..

आगामी १५ दिसंबर से स्कूली विद्यार्थियों को वनसंपदा और वन्य प्राणियों सहित पर्यावरणीय अनुभूति कार्यक्रम हेतु दक्षिण वनमण्डल की प्रेरक प्रशिक्षण कार्यशाला गत दिवस खुटामा वन विश्राम गृह में आयोजित की गई। इसमें वनमण्डल के सभी परिक्षेत्र अधिकारी एवं उप वन मण्डल अधिकारी उपस्थित रहे ….

इस कार्यशाला में दक्षिण वनमण्डल के सभी वन परिक्षेत्रों से मनोनीत 3 प्रेरकों (प्रति परिक्षेत्र ) ने उपस्थित रहकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यशाला में अनुभूति कार्यक्रम की रूपरेखा एवं ध्यान में रखे जाने वाले निर्देशों से प्रेरको को अवगत करवाया गया। साथ ही में मास्टर ट्रेनर श्रीमान जे पी शिवहरे द्वारा प्रेरकों को कार्यक्रम हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया

उप वनमण्डल अधिकारी अनादि बुधौलिया ने बताया कि मध्यप्रदेश ईकोपर्यटन विकास बोर्ड की यह अवधारणा है कि जन सामान्य में वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित की जाये। जागरूक समाज ही प्रकृति एवं जैव विविधता संरक्षण के मार्ग को प्रशस्त कर सकता है। स्कूली विद्यार्थियों की इस संकल्प की पूर्ति में अहम भूमिका है। यदि स्कूली विद्यार्थी पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी व्यवहार रखते हैं तो समाज में प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता स्वतः ही विकसित हो सकती है।विद्यार्थी ईकोपर्यटन के शक्तिशाली प्रचारक सिध्द होंगें इसी अवधारणा पर अनुभूति र्कायक्रम की परिकल्पना की गई है।

यह प्रदेश व्यापी कार्यक्रम 15 दिसम्बर से 15 जनवरी की अवधि में एक दिवसीय ईको-कैंप का सफल आयोजन कर प्रत्येक वन परिक्षेत्र स्तर से 130 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य की जानकारी एवं अनुभवों के माध्यम से पारिस्थितिकीय तंत्र के घटकों की व्याख्या, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, पक्षी दर्शन, वन औषधी एवं वन प्रबंधन की सामान्य जानकारी प्रदान की जाएगी |

इस प्रेरको के प्रशिक्षण कार्यशाला कार्यक्रम  में एसडीओ अनादि बुधौलिया, प्रमोद चोपड़े, प्रशिक्षु डीएफओ विकास शर्मा सहित सभी सातों रेंज के वन परिक्षेत्र अधिकारी जिसमे सर्वश्री पांढुरना से मुछाला, सौंसर से एस एस चतुर्वेदी ,कन्हान से दीपक त्रिपुडे, बिछुआ से काशिमा शेख, लावाघोधारी से हेमंत भार्गव , अंबाडा से एस के गुर्जर सहित स्टाफ के कर्मचारी शामिल हुए