26 अगस्त को तमाम अटकलों के बाद विस्तार में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नव नियुक्त मंत्रियों को विभाग बांट दिए है। शपथ लेने के बाद से मंत्री बिना विभाग के थे। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से करीब डेढ़ महीने पहले सरकार ने तीन विधायकों को मंत्रियों बनाया है ! अब देखने बाली बात यह होगी की इनके मंत्री बनाये जाने के बाद ये भाजपा सरकार के पुनः सत्ता वापसी लाने में कितने कारगर सिद्ध होंगे ….शशांक माहुले की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने दो कैबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन को नर्मदा घाटी विकास, पूर्व मंत्री और विधायक राजेंद्र शुक्ला को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जनसंपर्क और राज्य मंत्री राहुल लोधी को कुटीर एवं ग्रामोद्योग (स्वतंत्र प्रभार) एवं वन विभाग का प्रभार सौंपा है।
ज्ञात हो कि राजनैतिक पंडितों का मानना है कियह विस्तार क्षेत्रीय संतुलन बनाने के लिए किया गया था जिसमे राजेंद्र शुक्ला रीवा से विधायक है। वह ब्राह्मण चेहरा है। गौरीशंकर बिसेन सात बार के विधायक और एक बार सांसद रहे है। वह ओबीसी वर्ग से आते है। बालाघाट से विधायक गौरीशंकर बिसेन ओबीसी वर्ग से आते है। वहीं राहुल लोधी खरगापुर विधानसभा सीट से पहली बार के विधायक है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे है।
राहुल युवा चेहरे के साथ ओबीसी वर्ग से आते है। सरकार ने जातिगत और सामाजिक समीकरणो का सामांजस्य बैठाते हुए तीनों विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई है।