विधानसभा चुनाव के चलते प्रदेश भर में राजनीतिक पार्टियों से स्टार प्रचारक और अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए दौरा कर रहे है ! जिसमे कांग्रेस, भाजपा, बीएसपी ,सपा या फिर अन्य दल के नेता अपना दमखम चुनावी मैदान में दिखा रहे है। अपने प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने बासपा सुप्रीमो मायावती एक दिवसीय प्रवास पर रीवा पहुंची और SAF मैदान पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस समेत केंद्र और प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर निशाना साधा….
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने किसी दल से समझौता नहीं किया। इस दौरान बसपा प्रमुख ने भाजपा सहित कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि अगर ये पार्टियां दलित, शोषित और वंचित का ख्याल रखती, तो काशीराम को अलग पार्टी न बनानी पड़ती, इस दौरान मायावती ने उत्तरप्रदेश के पिछले चुनाव में हार का कारण EVM को बताया और कहा कि कांग्रेस और भाजपा आरक्षण ख़त्म करने का काम कर रहीं हैं, जब कि दलित, पिछड़ों को निजी क्षेत्रों में आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए था।
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने काशीराम के निधन पर एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया, इतना ही नहीं महिलाओं के लिये दिये गये 33 प्रतिशत आरक्षण में भी एसटी, एससी, और ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का प्रतिशत तय नहीं किया गया, जिससे भाजपा और कांग्रेस की मानसिकता प्रदर्शित होती है,