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- “एक कैमरा अपने शहर के नाम” – छिंदवाड़ा में बढ़ेगी सुरक्षा, जागरूकता से बनेगा भरोसेमंद शहर
छिंदवाड़ा // शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत एवं आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से कोतवाली पुलिस द्वारा चलाया जा रहा अभियान “एक कैमरा अपने शहर के नाम” निरंतर गति पकड़ता जा रहा है। यह पहल न केवल पुलिस और नागरिकों के बीच भरोसे का सेतु बना रही है, बल्कि शहर को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम के रूप में उभर रही है।
जागरूकता रैली बनी चर्चा का विषय
शुक्रवार देर शाम कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कोमर पुलिस दल के साथ शहर के प्रमुख मार्गों – गांधीगंज, इटवारी, घंटाघर रोड और बस स्टैंड क्षेत्र – से होकर गुजरे।
इस दौरान उन्होंने दुकानदारों, व्यापारियों और राहगीरों से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा व्यवस्था में “सहभागी नागरिक” बनने का संदेश दिया।
पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों से अपील की कि वे अपनी दुकानों के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर और आसपास के क्षेत्र को भी कवर करने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाएं। ऐसा करने से किसी भी संदिग्ध गतिविधि, चोरी या आपात स्थिति में पुलिस को त्वरित कार्रवाई में बड़ी मदद मिलेगी।
“सीसीटीवी किसी भी जांच में बड़ी मदद” – कोतवाली निरीक्षक
कोतवाली निरीक्षक आशीष कोमर ने बताया,
“सीसीटीवी कैमरे किसी भी जांच या अपराध की स्थिति में पुलिस के लिए सबसे विश्वसनीय साक्ष्य साबित होते हैं। कई मामलों में कैमरे की फुटेज से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में त्वरित सफलता मिलती है।”
उन्होंने कहा कि शहर के व्यापारी वर्ग और आम नागरिक अभियान को लेकर उत्साहित हैं। कई दुकानदारों ने तुरंत कैमरे लगाने की पहल की है। इस सामूहिक सहयोग से छिंदवाड़ा की सुरक्षा व्यवस्था और भी सुदृढ़ और तकनीकी रूप से सक्षम होगी।
पहले से लगे कैमरों की निगरानी जरूरी
पुलिस ने यह भी अपील की कि जिन प्रतिष्ठानों में पहले से सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उनकी समय-समय पर जांच और मेंटेनेंस करते रहें। अक्सर तकनीकी खराबी या डेटा बैकअप की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खो जाते हैं। पुलिस ने दुकानदारों से कहा कि वे अपने कैमरों का स्टोरेज व्यवस्थित रखें, ताकि किसी भी स्थिति में फुटेज तुरंत उपलब्ध कराया जा सके।
अभियान का उद्देश्य – साझा जिम्मेदारी से सुरक्षित समाज
“एक कैमरा अपने शहर के नाम” अभियान का उद्देश्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि नागरिकों में “सुरक्षा मेरी भी जिम्मेदारी” की भावना जगाना है।
यह अभियान इस सोच पर आधारित है कि शहर की सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।
व्यापारियों ने भी जताया समर्थन
शहर के कई व्यापारियों ने इस पहल की सराहना की।
गांधीगंज के व्यापारी अमित अग्रवाल ने कहा,
“अगर हर दुकान के बाहर कैमरा होगा तो गलियों और चौक-चौराहों की सुरक्षा स्वचालित रूप से बढ़ जाएगी। यह पुलिस के लिए भी मददगार और जनता के लिए भी आश्वस्त करने वाला कदम है।”
नागरिकों से अपील
कोतवाली पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों, दुकानों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर कैमरे लगाकर इस मुहिम को जन-आंदोलन का रूप दें। इससे न केवल अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि छिंदवाड़ा को “सुरक्षित शहर” की श्रेणी में लाने का लक्ष्य भी जल्द पूरा होगा।
निष्कर्ष : “एक कैमरा अपने शहर के नाम” — यह केवल एक सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि नागरिक चेतना का प्रतीक है।
जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझेगा,
तो शहर न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि विश्वास और सहयोग का एक जीवंत उदाहरण बनेगा।