हिन्दू गर्जना रैली व विशाल धर्मसभा, विधायक टी राजा सिंह होंगे शामिल ..

छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर आज निकलेगी भव्य हिन्दू गर्जना रैली, दशहरा मैदान में विशाल धर्मसभा — टी राजा सिंह होंगे मुख्य वक्ता

छिन्दवाड़ा// धर्म, राष्ट्र और सांस्कृतिक स्वाभिमान के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म जयंती के पावन अवसर पर आज 16 फरवरी को जिला बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में “हिन्दू गर्जना रैली” तथा विशाल धर्मसभा का विराट आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर शहर में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण निर्मित हो रहा है।

बजरंग दल के जिला संयोजक नरेंद्र पटेल ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह रैली अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रही है और प्रत्येक वर्ष इसकी भव्यता एवं जनसमर्थन निरंतर बढ़ रहा है। इस वर्ष विशेष आकर्षण के रूप में तेलंगाना के गोशामहल से विधायक एवं प्रखर हिंदुत्ववादी नेता टी राजा सिंह पहली बार छिन्दवाड़ा पधार रहे हैं।

दादा धूनीवाले मंदिर से होगा शुभारंभ : रैली का शुभारंभ सायं 5 बजे शहर के आस्था केंद्र दादा धूनीवाले मंदिर परिसर से पूजन-अर्चन के साथ होगा। आयोजकों के अनुसार, मातृशक्ति इस रैली का नेतृत्व करेगी — जो सनातन परंपरा में नारी शक्ति के सम्मान और अग्रणी भूमिका का प्रतीक होगा।रैली में हजारों की संख्या में धर्मनिष्ठ नागरिक भगवा ध्वज थामे, बैंड-बाजों और आकर्षक झांकियों के साथ सहभागिता करेंगे। संपूर्ण नगर भगवामय वातावरण में धर्मगर्जना का साक्षी बनेगा।

रैली निर्धारित मार्ग — तिलक चौक, पावरहाउस, फव्वारा चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सायं लगभग 7 बजे दशहरा मैदान पहुँचेगी, जहां विशाल धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा।

धर्मसभा में गूंजेगा सांस्कृतिक चेतना का स्वर दशहरा मैदान में आयोजित धर्मसभा में टी राजा सिंह का ओजस्वी उद्बोधन मुख्य आकर्षण रहेगा। आयोजकों का दावा है कि हजारों की संख्या में श्रद्धालु और सनातन समाज के प्रतिनिधि इस धर्मसभा में उपस्थित रहेंगे। जिला संयोजक नरेंद्र पटेल के साथ प्रशांत साहू, आकाश बैस, रविराज सिंह सहित बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारीयों ने जिलेभर के धर्मप्रेमी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को ऐतिहासिक बनाएं।

आयोजन का उद्देश्य :  यह रैली केवल उत्सव नहीं बल्कि सांस्कृतिक एकजुटता और धार्मिक अस्मिता के जागरण का प्रतीक है। छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों — राष्ट्रनिष्ठा, साहस और धर्मरक्षा — को जन-जन तक पहुँचाना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।

आज  16 फरवरी को शहर में आस्था, अनुशासन और उत्साह का संगम देखने को मिलेगा, जहाँ धर्मसभा के माध्यम से समाज को एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया जाएगा।