जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विकास से ज्यादा सियासत हावी

जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विकास से ज्यादा सियासत हावी .. 

अवैध धंधे, कानून-व्यवस्था और अफसरशाही पर बरसे विधायक

छिंदवाड़ा // जिले के समग्र विकास की दिशा और दशा तय करने वाली जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, लेकिन बैठक का एजेंडा विकास योजनाओं की समीक्षा से आगे बढ़कर कानून-व्यवस्था, अवैध धंधों और प्रशासनिक लापरवाही पर केंद्रित हो गया। बैठक में मौजूद विधायकों ने जिले में अवैध शराब, जुआ, सट्टा और अवैध रेत उत्खनन के बढ़ते मामलों को लेकर तीखी आपत्ति दर्ज कराई, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए।

बैठक की अध्यक्षता जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने की। इस दौरान बैठक में राकेश सिंह  जिला प्रभारी मंत्री , हरेंद्र नारायण  कलेक्टर, छिंदवाड़ा ,अजय पांडे  पुलिस अधीक्षक ,सोहन वाल्मिक  विधायक, परासिया , सुनील उइके  विधायक, जुन्नारदेव ,शेषराव यादव भाजपा जिलाध्यक्ष ,अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि प्रमुख रूप से मौजूद थे

कांग्रेस विधायकों की मांग थी कि मंत्री के साथ अधिकारी अलग से चर्चा करें, ताकि जमीनी समस्याएं खुलकर रखी जा सकें। इसके बावजूद भाजपा पदाधिकारियों की मौजूदगी ने बैठक की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए।

विकास योजनाओं की समीक्षा, लेकिन सवाल कानून-व्यवस्था पर

बैठक में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल आपूर्ति, ग्रामीण विकास और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत योजनाओं को समय-सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। हालांकि समीक्षा के दौरान विधायकों ने विकास कार्यों में देरी, जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावहीन क्रियान्वयन और अफसरशाही की उदासीनता का मुद्दा जोर-शोर से उठाया।

अवैध धंधों पर गरमाया माहौल ..

परासिया विधायक सोहन वाल्मिक ने जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अवैध शराब, जुआ और सट्टा खुलेआम संचालित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं इन गतिविधियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।

विधायक ने कहा कि जिले के विकास की बात तभी सार्थक होगी, जब कानून का राज स्थापित होगा और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी।

अवैध रेत उत्खनन पर गंभीर आरोप..

जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके ने दमुआ थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि रेत माफिया खुलेआम सक्रिय हैं और ट्रैक्टर चालकों से मोटी अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे आम नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है।

बैठक के बाद बंद कमरे में चर्चा

जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के बाद प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित मिनी सभागार में विधायकों और अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की। इस बैठक में विधायकों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली, अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और जमीनी समस्याओं को विस्तार से रखा। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव भी मौजूद रहे, जिससे बैठक का राजनीतिक रंग और गहरा गया।

‘कांग्रेस भी करती थी’ बयान बना चर्चा का केंद्र

सूत्रों के अनुसार अवैध धंधों पर उठे सवालों के जवाब में प्रभारी मंत्री द्वारा यह कहा गया कि “कांग्रेस सरकार में भी ऐसे काम होते थे”। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे जिम्मेदारी से बचने का प्रयास बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे प्रशासनिक यथार्थ से जोड़कर देख रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान मौजूदा शासन से जनता की अपेक्षाओं और वास्तविकता के बीच बढ़ते अंतर को उजागर करते हैं।

विकास बनाम व्यवस्था:

बैठक में एक ओर विकास कार्यों को गति देने की बात हुई, तो दूसरी ओर अवैध गतिविधियों और प्रशासनिक ढिलाई ने विकास के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों के लिए यह बैठक सियासी संदेश भी लेकर आई।

जहां सत्ताधारी दल सुशासन और पारदर्शिता का दावा कर रहा है, वहीं विधायकों द्वारा उठाए गए सवाल यह संकेत देते हैं कि जमीनी स्तर पर चुनौतियां अब भी जस की तस हैं।

निष्कर्ष : कुल मिलाकर जिला विकास सलाहकार समिति की यह बैठक विकास से ज्यादा व्यवस्था और राजनीति के मुद्दों पर केंद्रित रही। अवैध धंधों, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में जिले की राजनीति और प्रशासन—दोनों के लिए अहम साबित हो सकते हैं।