गौरतलब है कि बहराइच जिले में जंगल से निकले एक तेंदुए ने गांव में जाकर घर के अंदर सो रहे बच्चों पर हमला बोल दिया. बच्चों की चीख सुनकर घर में सो रहे 55 वर्षीय कुंजीलाल की आंखें खुल गई. अपनो पोते की जान बचाने के लिए कुंजीलाल तेंदुए से भिड़ गए. दोनों करीब 25 मिनट तक लड़ते रहे.आखिरकार कुंजीलाल के साहस ने उन्हें सफलता दिलाई और उन्होंने पोते को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया.

गार्मीणों ने इस बात की सूचना वन विभाग को दी. सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया. तेंदुए के इस तरह हमले से गांव में अफरा तफरी मच गई. वहीं इलाके में कुंजीलाल की बहादुरी की चर्चा हो रही है. वहीं इलाके में वन विभाग ने पीड़ित कुंजीलाल को रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार के लिए नामांकित किया जाएगा. इस मामले में वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि, ‘कुंजीलाल और उसके पोते पर तेंदुए ने हमला किया. घायलों का इलाज चल रहा है और जल्द ही उन्हें मुआवजा दिलाया जाएगा.