शाम ढलते ही खुले में सजती है शराबियो की महफ़िल

अंग्रेजी शराब दुकानों के आस पास अघोषित मयखाने 

एक बारगी तो ऐसा लगता है अंग्रेजी शराब की दुकानों के आसपास किसी का शासन है तो बह शराब ठेकेदार और मदिरप्रेमियो का ?

  छिंदवाड़ा से राकेश प्रजापति 

छिंदवाड़ा :- इस दिनों शहर का माहौल देखते ही बनता है ख़ासकर अँग्रेजी शराब दुकानों के आसपास खुले आसमान के निचे बैखौफ होकर मदिराप्रेमी सैकड़ो की संख्या शराब पीते नजर आ रहे है ! मानो इस शहर में पुलिस ,आबकारी और जिला प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है !एक बारगी तो ऐसा लगता है अंग्रेजी शराब की दुकानों के आसपास किसी का शासन है तो बह शराब ठेकेदार और मदिरप्रेमियो का ?  जिला प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे आबकारी नियम कायदों का खुले आम माखौल उड़ाया जा रहा है। अंग्रेजी शराब की दुकानों के साथ संलग्न अहातों को 1 अप्रैल से बंद किये जाने से अब शराब दुकानों के आसपास ही लोगों सरेराह मदिरापान कर रहे है।

मदिरा प्रेमियों की अपनी समस्या है अखिर मदिरा का सेवन करे तो आखिर कहाँ करे ? मदिरा प्रेमीयो का कहना है की शराब ठेकेदार की शह पर और पुलिस को थोड़ी निछाबर चढ़ाने पर काम बन जाता है अफसोस बस इतना है की पैसे खर्च करने के बाद भी चैन से शराब पिने का मजा खराब हो गया है ?

आबाकारी सूत्रों के मुताबिक़ नयी आबकारी नीति के तहत अंग्रेजी शराब दुकानों के साथ संलग्न अहातों (जिनमें बैठकर लोग मदिरापान करते थे ) को बंद कर दिया गया है। अब शराब दुकान के आसपास इत्मिनान के साथ बैठकर शराब पीने की सुविधा ,व्यवस्था नहीं है। वहीं देशी शराब दुकानों में अहातों की व्यवस्था को बरकरार रखा गया है।प्रदेश शासन की ये नई व्यवस्था समझ के बाहर है !

सूत्रों ने मुताबिक जिला मुख्यालय की चारों दुकानों में शराब ठेकेदारों के द्वारा अहाते बंद होने के बाद  दुकान के आसपास ही मदिराप्रेमियो के लिये, इत्मिनान और बेखौफ बैठकर शराब पीने की अघोषित व् अस्थायी व्यवस्था की गयी है। सूत्र तो यहाँ तक बताते है की शराब ठेकेदारों द्वारा मोटी रकम आबकारी अमले  को बतौर नजराने के तौर पर जाता है ! शराब दुकानों के ठेकेदारों की शह पर अब शराब दुकानों के आसपास ही खुलेआम मदिराप्रेमी शराब का सेवन कर रहे हैं।

साथ ही सूत्रों बताते है कि बस स्टैण्ड शराब दुकान के सामने फब्बारा चौक ,माल धक्का और परासिया रोड आदि सभी अंग्रेजी शराब दुकानि के आस पास एक जैसा माहौल है यहाँ शाम ढलते ही मदिराप्रेमियो का हुजूम देखते ही बनता है। मदिराप्रेमियो के हुजूम का आलम यह है कि शाम के बाद देर रात तक यहाँ खुलेआम शराब परोसी जा रही है।

आश्चर्य की बात यह है की सिटी कोतवाली थाने से चंद कदम दूर स्थित शराब दुकान बजार के बीचो बीच होने से महिलाएं बड़ी असहज और भयक्रान्त नजर आती है, भी की कहीं कोई अनहोनी न हो जाय ? वहीं बस स्टेण्ड शराब दुकान के सामने मदिरापेमियो की भीड़ को देखकर यक्ष प्रश्न यह खड़ा होता है पुलिस की आँखों के सामने मदिराप्रेमियो को शराब पीने के लिये गिलास, पानी और नमकीन (चखना)  उपलब्ध कराया जा  रहा है और पुलिस मौन साधे हुए सब देख रही है , आखगीर इस मौन के पीछे के सच अनेको संदेहो को जन्म देता है 

 सूत्रों बताते है कि मदिराप्रेमियो के द्वारा उपयोग प्लास्टिक के डिस्पोजेबल गिलास, पानी के पाऊच, नमकीन के पैकेट आदि को उपयोग करने के बाद भरे बाजार फेंका जा रहा है। इतना ही नहीं शराब की खाली बोतलों को भी शराबियों के द्वारा सड़क में ही फेंक दिया जाता है। जो सरकार के स्वच्छता अभियान को पलीता लगाने का काम में कोई कोर कस्र नहीं छोड़ रहा है !

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