रविवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. ओ.पी. सिंह ने बताया कि सिरसखेड़ा गांव के प्राथमिक शाला  के प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश पटेरिया ने विद्यालय के ब्लैक बोर्ड में मुख्यमंत्री के नाम सुसाइड नोट लिखकर कक्ष के अंदर ही आग लगा ली. उन्हें गंभीर अवस्था में झांसी रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया. वे एक दिन बाद ही रिटायर होने वाले थे. वे मूलरूप से सेमरखेड़ा गांव के निवासी थे.

ग्रामीणों के मुताबिक, आत्मदाह करने वाले बुजुर्ग अध्यापक ने सुसाइड नोट में मुख्यमंत्री से मिड डे मील कार्य से शिक्षकों को मुक्त करने, भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने के अलावा पदावनति किए गए शिक्षक व शिक्षिकाओं के बारे भी लिखा है. उन्होंने लिखा है कि मेरी मृत्यु के लिए ग्राम प्रधान को जिम्मेदार माना जाए, जो सिर्फ हराम के रुपया चाहता है. मेरा बहुत सा धन मिड डे मील खाते में पड़ा है. एमडीएम का जिम्मेदार अधिकारी महाभ्रष्ट है.