लाखों महिलाएं मासिक धर्म के दौरान संक्रमण संबंधी गंभीर बीमारियों से ग्रसित होती हैं

छिंदवाड़ा :-माया विश्वकर्मा जी जो की pad women के रूप में जानी जाती हैं ! पिछले कई दिनों से यह मध्य प्रदेश के 22 आदिवासी अंचलों में विशेषकर आदिवासी छात्रावासों में आदिवासी बालिकाओं को मासिक धर्म से संबंधित जानकारियां दे कर और उसके संक्रमण से बचने के प्रभाव के संबंध में जानकारी दे रही हैं विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में छात्राओं और ग्रामीण महिलाओं को भी जागरूकता अभियान के माध्यम से जागरुक करने का प्रयास कर रही हैं आज छिंदवाड़ा की कन्या शिक्षा परिसर में उन्होंने बच्चियों से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत जानकारी दी कन्या शिक्षा परिसर छिंदवाड़ा में हुए एक लघु सेमिनार में माया विश्वकर्मा ने मासिक धर्म के दौरान महिलाओं द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही और अज्ञानता से उत्पन्न होने वाले खतरनाक रोगों और उसके दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी ज्ञात हो माया विश्वकर्मा जी ने नरसिंहपुर जिले में एक नैपकिन बनाने का प्लांट प्रारंभ किया है जिसमें बेड निर्माण कार्य प्रारंभ है सुकर्मा फाउंडेशन के नाम से प्रारंभिक अभियान में महिलाएं सेनेटरी नैपकिन का उत्पादन कर जहां आत्मनिर्भर होकर रोजगार प्राप्त कर रही हैं वही इस मिशन के माध्यम से सुकर्मा फाउंडेशन पूरे देश में विशेषकर आदिवासी अंचलों में मासिक धर्म के संबंध में महिलाओं और छात्राओं को जागरुक करने का काम कर रहा है यह निश्चित रूप से एक सराहनीय पहल है क्योंकि सेनेटरी पैड के उपयोग के बाद उसको डिस्पोजल करने की बहुत बड़ी समस्या है क्योंकि इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है बल्कि इसके संगत से संक्रमण होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है ऐसी स्थिति में पैड के सुरक्षित उपयोग एवं उसका प्रभावी ढंग से निष्पादन किस प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए इसका इसकी जानकारी देने का उत्तम प्रयास किया गया छात्राओं ने सेमिनार के दौरान माया विश्वकर्मा जी से प्रश्न कर समस्याओं के निदान के बारे में जानकारी चाहिए और उनकी समस्या का निदान करने में आज की सेमिनार में सार्थक प्रयास किए गए माया विश्वकर्मा जी का कहना है कि देश के अंदर और कई बार तो यह बीमारी जानलेवा सिद्ध होती है ऐसी स्थिति में महिलाओं को और बच्चियों को ज्यादा जागरुक होने की आवश्यकता है इस काम में सबसे बड़ी बाधा सामाजिक ताना बाना है जिसके चलते ही समाज में व्याप्त कुरीतियां और रूढ़िवादी परंपराओं के चलते महिलाएं ना चाहते हुए भी इन बीमारियों को आमंत्रण देती हैं सुकर्मा फाउंडेशन की यह पहल देश की महिलाओं को प्रशिक्षित कर मासिक धर्म से संबंधित जानकारियों को अधिक से अधिक साझा करना है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें उनके स्वास्थ्य के प्रति सचेत भी करना है कार्यक्रम में कन्या शिक्षा परिसर के अधीक्षक एवं स्टाफ का सहयोग सराहनीय रहा इस कार्यक्रम में माया विश्वकर्मा जी के साथ हिंद मजदूर किसान पंचायत मध्य प्रदेश के महासचिव डीके प्रजापति राष्ट्रीय महिला पंचायत की संयोजक एवं आजादी बचाओ आंदोलन की संयोजक श्रीमती सुषमा प्रजापति हिंद मजदूर किसान पंचायत की जिला अध्यक्ष श्रीमती शोभा शर्मा साथी अनीश खान बैतूल से राजेश सरयाम एवं सुकर्मा फाउंडेशन की मुंबई और नरसिंहपुर की टीम के साथी उपस्थित थे जिन्होंने सेमिनार में उपस्थित बच्चियों का उचित मार्गदर्शन किया इस अवसर पर माया विश्वकर्मा ने कहा कि महिलाओं को रूढ़िवादी परंपराओं को त्याग कर मासिक धर्म के दौरान होने वाली परेशानियों को न केवल साझा करना है बल्कि उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण की उचित प्रयास भी लगातार करना जारी रखना है अन्यथा इससे होने वाले संक्रमण से गंभीर बीमारियों को महिलाएं स्वयं न्योता देती हैं जिसके कारण ना केवल उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ता है बल्कि गंभीर समस्याओं के कारण चिकित्सक महिलाओं की बच्चेदानी तक निकाल देते हैं महिलाओं को स्वयं जागरुक होकर अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की आवश्यकता है पैड वूमेन यात्रा एक जन आंदोलन के रूप में काम करेगी और देश की आधी आबादी को जागरुक करने का काम लगातार करती रहेगी

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