तेरहवीं पर लोगों को बांटे हेलमेट कहा कोई और चिराग न बुझे….

सड़क हादसे में बेटे की मौत से दुखी पिता ने तेरहवीं पर लोगों को बांटे हेलमेट कहा कोई और चिराग न बुझे , दमोह जिले के तेजगढ़ के शिक्षक महेंद्र दीक्षित के 25 वर्षीय बेटे की 21 नंवबर को हादसे में हो गई थी मौत

 नम आंखें रुदन से कांपती आवाज और दुख से भरे गले से निकलते शब्द उस शिक्षक की पीड़ा साफ बयां कर रहे थे जिसने चंद रोज पहले ही एक सड़क हादसे में अपने25 साल के जवान बेटे को खो दिया था, अपने बेटे की तेरहवीं पर उसकी स्मृति में निवासी शिक्षक पिता ने गांव के 51 युवाओं को हेलमेट बांटे और उनसे कहा कि बाइक धीमे चलाना और साथ में हेलमेट जरूर पहनना ताकि वह किसी अनहोनी पर सुरक्षित रह सकें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लकी की मौत का कारण सिर में लगी चोट थी शिक्षक महेंद्र दीक्षित बच्चों को बेहतर शिक्षा देने और उत्कृष्ट कार्यों के लिए जाने जाते हैं लेकिन अपने बेटे की मौत ने उन्हें झकझोर दिया उन्हें लगा कि किसी के बेटे की मौत इस लापरवाही के कारण अब न हो ……विशाल रजक की रिपोर्ट 

माता- पिता से कहा – बाइक दे सकते हैं तो हेलमेट भी दें :- महेंद्र दीक्षित का कहना है कि दूसरों के बच्चों की वाहन दुर्घटनाओं में मौत की खबर सुनने पर एक सामान्य दुख होता था और चंद घंटे में उसे भूल भी जाते थे लेकिन जब उनके बेटे की मौत हुई तो उन्हें जो पीड़ा हो रही हैं उसे केवल वही और उनका परिवार महसूस कर सकता है इसलिए वह नहीं चाहते कि किसी और के बेटे के साथ ऐसा हादसा हो उन्होंने सभी माता-पिता से भी अपील की है कि यदि बच्चों को बाइक खरीदकर दे सकते हैं तो फिर उन्हें एक हेलमेट भी दे और उसे लगाने के लिए भी बाध्य करें महेंद्र दीक्षित ने गंगाजली पूजन पर कन्याओं को भी भोजन के लिए आमंत्रित किया था

रात होने के कारण निकाल दिया था हेलमेट ;-तेजगढ़ गांव निवासी शिक्षक महेंद्र दीक्षित के बड़े बेटे की 21 नंवबर की रात झलौन से 15 किमी दूर ससना व सर्रा गांव के बीच व्यारमा नदी पर बने राजघाट पुल पर हादसे में मौत हो गई थी विभांशु दीक्षित(लकी) रात में अपनी बाइक से सर्रा गांव से अपने घर आ रहा था लेकिन उसने रात होने के कारण हेलमेट निकाल दिया राजघाट पुल पार करते समय एक भैंस से उसकी बाइक टकरा गई और मौके पर ही मौत हो गई लकी का शव रात भर पुल पर ही पड़ा रहा सुबह जब लोगों ने देखा तो स्वजन तक सूचना पहुंची

खोलेंगे निःशुल्क करियर सेंटर :- शिक्षक महेंद्र दीक्षित ने हमारे संवाददाता विशाल रजक को बताया कि उनका बेटा हाल ही में इंदौर से पढ़कर वापस आया था यहां आकर उसने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्कूल खोल लिया था अब बेटे की याद में युवाओं के लिए तहसील मुख्यालय तेन्दूखेड़ा में 1 जनवरी 2020 से निःशुल्क करियर सेंटर शुरू करा रहा हूँ

पति -पत्नी दोनों शिक्षक है :- शिक्षक महेंद्र दीक्षित और उनकी पत्नी ज्योति दीक्षित दोनों शिक्षक है दोनों ने श्रद्धांजलि सभा में कहा कि विभांशु दीक्षित (लकी) मेरा बड़ा बेटा था जिसकी असमय मृत्यु से मेरे परिवार को गहरा सदमा लगा है भगवान से हम लोग प्रार्थना करते हैं किसी के साथ भी ऐसी दुर्घटना न घंटे साथ ही बाइक चलाते समय सभी लोग हेलमेट पहनकर चलें

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