मुख्यमंत्री के जिले में अतिथि विद्वानों का लात जूतों से स्वागत..

कभी किसी ने सपने में भी नही सोचा होगा की प्रदेश में मुखिया कमलनाथ के जिले में अतिथि विद्वानों का लात जूतों से स्वागत पुलिस द्वारा किया जाएगा ? धिक्कार है बेचारी पुलिस को ? अब आप सोच रहे होंगे की पुलिस को एक तरफ धिक्कार रहे है और दूसरी तरह बेचारी भी कह रहे है ! है न विरोधाभास ? तो ऐसा नही है जनाव पुलिस बेचारी इसलिए की यह कृत्य पुलिस ने अपने विवेक से नही किया बल्कि राजनैतिक रूप से करबय गया है ? अब आप यह मत पूछने लगना की किसके इसारे पर ? आप जिसके घर गुसोगे तो व्ही कूटेगा ना ?

आर्थिक संकट से जूझ रही कमलनाथ सरकार के खजाने में फूटी कौड़ी नही है ? ऐसे में इन निरीह .वेबस ,लाचार शिक्षको की मांगे कैसे पूरी की जाय ? यह प्रश्न सरकार के सामने मुहं बाये खड़ा है और इसका जबाव फिलहाल कमलनाथ के पास नही है ? जिला प्रशासन ने अतिथि विद्वानों पर किया बल प्रयोग…..
मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृह जिले छिन्दवाड़ा में प्रदेश की उच्च शिक्षा को वर्षों से पोषित करने वाले अतिथि विद्वानों पर जिला प्रशासन ने जम कर लात घूंसे चलाये है। उल्लेखनीय है कि अपनी नौकरी बचाने अंतिम लड़ाई लड़ रहे अतिथि विद्वानों को कल रात से नज़रबंद कर दिया गया था। आज सुबह से ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे शिक्षकों को जिला प्रशासन ने दबाव बनाया था। आज दोपहर 12 बजे बस से अतिथि विद्वानों को बस द्वारा अज्ञात स्थान ले जाया गया है।

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