छोड़े घड़ियाल के 40 बच्चे….

छोड़े घड़ियाल के 40 बच्चे राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभ्यारण टीम ने कालीघाट से चंबल में पहुंचते ही अठखेलियां करने लगे नन्हे घड़ियाल इस बार 122 बच्चे छोड़े जाएंगे चंबल में, 

श्योपुर लकड़ी की बंदूक वीडियो से निकलकर चंबल में उतरे तो नन्हे घड़ियाल सामने नदी का असीमित जहां देख कर अठखेलियां करने लगे कुछ ऐसा ही दृश्य नजर आया शाम को चंबल के पाली घाट पर जब राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभ्यारण की टीम ने मुरैना के देवरी हेचिरी सेंटर से लाकर घड़ियाल के 40 बच्चे चंबल में छोड़े अभ्यारण के अंतर्गत मुरैना के देवरी को घड़ियाल केंद्र पर पारले जा रहे घड़ियाल के बच्चों ने से इस साल 122 बच्चे चंबल नदी में जोड़ने का निर्णय हुआ जिसकी शुरुआत शिवपुर जिले की सीमा में चंबल नदी के पाली सहरसा गांव से हुई जहां घड़ियाल अभ्यारण की टीम मुरैना से आई और घड़ियाल और गाड़ियों में लाए गए 40 घड़ियाल के बच्चे चंबल में छोड़े गए इनमें पांच नर और 35 मादा बच्चे रहे वही 47 बा ठाकुर कछुए के बच्चे भी चंबल में छोड़े गए गानों के बच्चों के विमोचन कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान की घड़ियाल सेंचुरी के सीसीएफ सवाई माधोपुर आनंद मोहन ने किया इस दौरान देवरी के अधीक्षक एनएन नाथ सबलगढ़ रेंज आरआर अटल घड़ियाल हेचरी इंचार्ज ज्योति दंडोतिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे चंबल किनारे से घड़ियाल के अंडे एकत्रित कर देवरी केंद्र ले जाए जाते हैं जान दो से निकले बच्चों का 3 साल तक लालन-पालन किया जाता है इसके बाद उन्हें चंबल में छोड़ा जाता है बताया गया है कि इस बार 147 बच्चे हैं जो चंबल में छोड़े जाने लायक है लेकिन इसमें से 25 बच्चे सोन अभ्यारण में दिए जाने की चर्चा चल रही है या चंबल में 122 ही बच्चे थोड़े जाएंगे जिसके तहत गत दिवस 40 बच्चों को पालिसा वर्षगांठ पर छोड़ा गया आगामी दिनों में बरौली घाट पर 42 बनावट पर 40 बच्चे छोड़ जाएंगे !

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