पौधरोपण की बलि चडी Dfo राखी नंदा ….

पौधरोपण में गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड की वन मंत्री ने खोली पोल , जंगल में पौधे गिनने के बाद दो डीएफओ समेत आठ वन कर्मचारियों पर गिरी गाज

निवर्तमान भाजपा की शिवराज सिंह चौहान सरकार में पिछले 2 जुलाई 2017 को बृहद स्तर पर पौध रोपण किया गया ! जिसे विश्व रिकार्ड में शामिल किया जान था परन्तु यह पौध रोपण होते ही विवाद में आ गया ,अनेको अनियमितताए सामने गई, बहुत से विभागों ने ना तो उक्त पौधरोपण की वोडियो रिकार्डिंग और ना ही फोटो ग्राफ्स ही विश्व रिकार्ड के लिए उपलव्ध कराए ! तो यह मामला टालते गया , पौध रोपण के नाम पर जमकर घोटाले हुए जियो और जीने दो की तर्ज पर सरकार के पैसे की जम कर लूट हुई ! तभी से यह मामला सुर्खियों में आया था ! प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा के बडबोले और घोषणा वीर के नाम से प्रसिध्धि पा चुके तत्कालीन मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के पाप वर्तमान कांग्रेस सरकार प्याज के छिलके की तरह निकाल रही है ! अगर इसे राजनैतिक चश्मे से देखा जाये तो यह प्रेशर पालिटिक्स की ही नाजायज कार्यवाही है ? भाजपा जैसे जैसे कमलनाथ सरकार को गिराने की धमकी देती है उसके परिनित्ति शिवराज सरकार के एक नए घोटाले का जनता के सामने जन्म होता है और फिर चर्चाओ का दौर चल पड़ता है ! हमे भी आपकी ही तरह इंतजार है फिर किसी नजायज ( घोटाले ) के जन्म लेने का ….राकेश प्रजापति और बैतूल से मयंक भार्गव 

तत्कालीन भाजपा सरकार में वर्ष 2017 में पौधरोपण में गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड बनाने के लिए 7 करोड़ पौधे लगाने का दावा किया गया था। कांग्रेस द्वारा इस पौधरोपण को शुरूवात से ही फर्जी करार दिया जा रहा था। वन मंत्री ने 26 जून को बैतूल जिले में अचानक पहुंचकर शिवराज सरकार में हुए पौधरोपण की पोल खोलकर रख दी। इस दौरान वन मंत्री ने दो डीएफओ समेत 8 वन कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।

वन मंत्री, मप्र शासन उमंग सिंघार ने कहा कि शिवराज सरकार का यह भी एक बड़ा घोटाला है। मुख्यालय जो रिपोर्ट भेजी गई थी उस पर भरोसा ही नहीं हो रहा रहा था। रिपोर्ट के बाद हमने तकनीक का सहारा लिया इसके बाद हमने हकीकत जानने मौके पर भी पहुंचे जहां बाद घोटाला सामने आया है। इस पूरे मामले में जिन अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई उनके खिलाफ हम सख्त कार्यवाही कर रहे है।
अचानक  26 जून की शाम को बैतूल पहुंचकर वन मंत्री उमंग सिंघार ने बैतूल वन वृत की शाहपुर रेंज की पाठई बीट अंर्तगत कक्ष क्रमांक 227 में 2 दो जुलाई 2017 को शिवराज सरकार ने वृक्ष रोपण कर वल्र्ड रिकार्ड बनाकर खूब वाही लूटी थी। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद मई माह में वन मंत्री उमंग सिंघार ने इसकी रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट मिलने के बाद वन मंत्री श्री सिंघार ने बैतूल से इस कि पड़ताल की तो हकीकत जानकर हैरान हो गए। रिपोर्ट आने के बाद पहले सैटेलाइट इमेज ली और फिर स्वयं ने भौतिक सत्यापन के लिए बैतूल को चुना।
इस तरह की पौधों की गणना :- कक्ष क्रमांक 227 में सौ बाई सौ के पांच प्लाट बनाकर तथा पांच टीमों का गठन कर गणना की गई। टीम से मिली रिपोर्ट में यह पाया कि सरकारी रिपोर्ट में 15,625 पौधे रोपित होना था लेकिन गढ्ढे ही 9,375 खोदे गए। साठ प्रतिशत को आधार मानकर की गई गणना में जीवित पौधे मात्र 2343 ही मिले यानी मात्र 15 प्रतिशत पौधे ही जीवित मिले है ।
डीएफओ-एसडीओ रेंजर पर गिरी गाज :-  वन मंत्री ने वनकर्मियों के साथ अपने प्रतिनिधियों को साथ रख कर किये भौतिक सत्यापन के बाद उत्तर वन मण्डल के तात्कालीन डीएफओ संजीव झा, वर्तमान डीएफओ राखी नन्दा, एसडीओ बीपी बथमा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वन मुख्यालय अटैच कर दिया है। वहीं शाहपुर रेंज के तात्कालीन रेंजर गुलाब सिंह बर्डे, वर्तमान रेंजर जीएस जाटव, वनपाल मूलचंद परते, फिरोज खान और नाकेदार सतीश कवड़े को निलंबित कर दिया है।

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