संकट में समाधान का रास्ता खोज रही सरकार….

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार लगातार बाहरी और अंदरूनी मुश्किल हालातों से गुजर रही है एक तरफ जहां वित्तीय संकट से दो-चार होना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ पार्टी के अंदर की गुटबाजी सरकार को परेशानियों में डालने का काम कर रही है और तो और बिना शर्त समर्थन दे रहे सपा , बसपा और निर्दलीय विधायक लगातार सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए । इन हालातों से जूझते हुए आगामी 12 जुलाई से सरकार का विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है इससे पहले सरकार ने आपसी गुटबाजी और बाहर से समर्थन दे रहे विधायकों के समाधान के लिए बीच का रास्ता अपनाते हुए मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार जल्द ही नेताओं को निगम और मंडलों में नियुक्ति करने जा रही है……. राकेश प्रजापति
जानकारों के मुताबिक यह नियुक्तियां विधानसभा सत्र से पहले होना बताया जा रहा है जिससे विधानसभा सत्र के दौरान कोई परेशानी अपनों से ही ना खड़ी हो ? वैसे भी निगम मंडलो की नियुक्तियां होनी ही है तो क्यो न ऐसे ने अभी क्यो नही ?
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव या छिंदवाड़ा के पूर्व विधायक दीपक सक्सेना को बड़ी सौगात मिलने वाली है। इन दोनों नेताओं में से अपेक्स बैंक की कमान किसी को भी सौंपी जा सकती है । यह दोनों ही नेता सहकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं उन्हें कई वर्षों का अनुभव है।
इसी तरह राज्य योजना आयोग अनुसूचित जाति/ जनजाति आयोग , मानवाधिकार आयोग एवं विभिन्न मंडलों में सरकार जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं कर सकी उन्हें भी निगम और मंडल में जगह देकर खुश करना चाहती है ! इनमें से कुछ को राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया जा सकता है ! इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड के चेयर पर्सन की भी नियुक्ति होना है एमपी टूरिज्म के लिए शोभा ओझा का नाम सामने आ रहा है राज्य योजना आयोग के लिए सुरेश पचौरी दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं और विभिन्न नेताओं और वरिष्ठ कांग्रेसियों को मंडल निगमों में जगह देकर सरकार ने समाधान का रास्ता निकाला है अब देखना यह होगा कि यह कितना कारगर सिद्ध होता है !

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