हालांकि मायावती ने इसके बावजूद भी सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मांगी की उन्हें चुनाव रैली करने दी जाए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा, हम कह सकते है कि चुनाव आयोग ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया. चुनाव आयोग ने अचार सहिंता तोड़ने वालों के खिलाफ करवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने झटका देते हुए कहा कि उनकी अर्जी पर सुनवाई नहीं की जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट में मायावती की अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया. इस मामले में मायावती को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नही मिली. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मायवती को कहा आप याचिका दाखिल करे फिर हम देखेंगे. बता दें कि मायावती ने आज अपनी रैली की इजाजत मांगी थी. सोमवार को चुनाव आयोग ने उन्हें आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना और कार्रवाई करते हुए 48 घंटों तक किसी भी तरह की चुनावी मुहीम पर रोक लगा दी थी.

मायावती ने देवबंद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था अगर भाजपा को हराना है तो मुस्लिम बिरादरी के सभी लोग अपना वोट बांटने के बजाय महागठबंधन को एकतरफा वोट दें. चुनाव आयोग ने मायावती से उनके बयान पर सफाई मांगी थी जिसके जवाब में उन्होंने लिखा था कि रैली में उन्होंने बहुजन समाज को संदेश दिया था और मुस्लिम भी उसी का हिस्सा है.