गोंगपा दादा हीरासिंह मरकाम नहीं लड़ेंगे चुनाव….?

गोंगपा प्रत्याशियों के नाम तय….किसी भी पार्टी से गठबंधन नही…अपने दम पर प्रदेश की 20 सीटों पर लड़ेगी गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी….

लोकसभा चुनावों में अकेले अपने दम पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी इस चुनावी समर में उतरने का निर्णय लिया है । वह प्रदेश की 29 लोकसभा सीटो में से 20 सीट पर अपने प्रत्याशी उतार रही है । पार्टी ने चुनावी गठबंधन के अपने पिछले अनुभवों को देखते हुए प्रदेश के किसी भी राजनैतिक दल से गठबंधन को सिरे से नकार दिया है । फिलहाल पार्टी ने प्रदेश में होने बाले प्रथम चरण की 5 सीटों पर अपने प्रत्याशी लगभग तय कर दिए है और आगामी तीन- चार दिनों में सभी 20 प्रत्याशियों के नामो की औपचारिक धोषणा कर दी जाएगी ।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची क्रमशः इस प्रकार है –

1 :- शहडोल से तिरु. तेज प्रताप सिंह उइके जी  2 :- बालाघाट से तिरु.जयसिंह तेकाम, 3 :- बैतूल से तिरु. विश्राम उइके, 4 :- दमोह संसदीय क्षेत्र से डॉ देवेन्द्र तिवारी 5 :- होशंगावाद से महेंद्र प्रसाद शर्मा एवं रीवा से तिरु.अभय नारायण दुबे , सतना से तिरु. श्यामलाल कुशवाहा ,को वहीँ छिंदवाड़ा से जयपाल उइके व ज्ञान शा धुर्वे में से किसी पर भी मुहर लग सकती है वहीँ छिन्दवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी मीडिया सेल के अध्यक्ष सतीश नागवंशी को पार्टी ने अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है !
दादा हीरासिंह मरकाम नहीं लड़ेंगे चुनाव : मंडला डिंडोरी संसदीय सीट से राष्ट्रीय अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी दादा हीरा सिंह मरकाम के चुनाव लड़ने की अटकलों को विराम लग गया है । पूर्व में यहां से दादा हीरा सिंह मरकाम ने चुनाव लड़ने की बात कही थी लेकिन अब स्वास्थ्य कारणों के चलते चुनाव न लड़ने का मन बना लिया हैं, उनकी जगह गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से 2003 में घंसौर से पार्टी के विधायक रह चुके रामगुलाम उइके को चुनावी बैतरणी में उतारने का नाम बनाया जा रहा है अभी उनका नाम फाइनल नही हुआ है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में प्रदेश में किसी भी दल के साथ समझौते से साफ इंकार कर दिया है प्रदेश में 2003 में चुनाव मैदान में 3 विधानसभा सीटें जीतने वाली और विधानसभा चुनाव 2018 में मिले वोटो से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का मनोबल इस समय चरम पर है ।
ज्ञात हो कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में गोंगपा को मंडला में 1 लाख 94 हजार 554 , छिंदवाड़ा में 1 लाख 6 हजार 239 और शहडोल में 66 हजार 716 वोट मील थे , इन 3 सीटों के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी बालाघाट, बैतूल, होशंगाबाद ,जबलपुर ,दमोह, सागर, सीधी, रीवा ,सतना, रतलाम ,मंदसौर ,उज्जैन ,धार देवास ,खरगोन ,खंडवा आदि सीटों पर भी अपने प्रत्याशी पूरे दमखम के साथ खड़े कर रही है । जानकार बताते है कि पार्टी का विधान सभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के देखते हुए बसपा-सपा में मंडला संसदीय क्षेत्र से अपना उम्मीदवार खड़ा नही करने का निर्णय लिया है । राजनैतिक पंडितो का मानना है कि विधान सभा चुनावों में सपा के साथ गोंगपा का गठबंधन था ! इसी के चलते सपा ने मंडला संसदीय सीट गोंगपा के लिए छोड़ दी है ?
प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीट छिंदवाड़ा पर सभी की निगाहें टिकी हुई है क्योंकि यहाँ से प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद छिंदवाड़ा विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे है और उनके पुत्र नकुलनाथ संसदीय क्षेत्र के उम्मीदवार है ! इसलिए इस क्षेत्र का चुनावी परिदृश्य एकदम अलग और दिलचस्प होगा ? रही बात भाजपा की तो छिंदवाड़ा सीट पर उम्मीदवार का नाम तय करने में पार्टी को पसीने छूट रहे है ! आदिवासी वोट बैंक पर भाजपा की जीत की उम्मीदें तिकी हुई है ! इसी के चलते भाजपा ने भारतीय गोंडवाना पार्टी के संयोजक और अमरवाड़ा के पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी पर दाँव लगा रही थी ? परन्तु जिला कार्यकारणी सदस्यों के भारी विरोध के चलते पार्टी पदाधिकारियों को अपना निर्णय बापस लेना पड़ा । इससे नाराज हो मनमोहन शाह बट्टी भी संसदीय चुनाव में उतरने की ताल ठोक रहे है और भाजपा भी पार्टी के किसी आदिवासी नेता को टिकट देने का मन बना चुकी है वहीं गोंगपा के चुनावी  मैदान में उतरने से आदिवासी बोटो का विभाजन गोंगपा ,भाजपा और भारतीय गोंडवाना पार्टी के बीच हो जाएगा, इससे इन तीनो पार्टियों को आदिवासी वोटो का लाभ मिल पाना फिलहाल संभव नही लगता ….?    राकेश प्रजापति की रिपोर्ट

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