सांप-छछूंदर के फेरे में उलझी भाजपा….

लोकसभा चुनावों के लेकर सभी पार्टिओ में तैयारिया जोरो पर है ! सभी राजनैतिक दलों में अतिमहत्वकांक्षी नेताओ के आयाराम- गयाराम को शामिल करने का दौर चल रहा है ? वोट बैंक के खातिर सब जायज में तब्दील करने बाली फैक्ट्री में मिनट भर की भी फुरसत नही है ? इसी तारतम्य में अमरवाड़ा के पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी के भाजप से छिंदवाड़ा लोकसभा की टिकिट सशर्त देने और शामिल होने की खबर ने सियासी तापमान को बड़ा दिया है ? ……………राकेश प्रजापति 

खासकर भाजपा खेमे में सन्नाटा पसरा हुआ है , भाजपा का कोई भी नेता कुछ बोलने की स्थिति में नही है ? परन्तु अंदरूनी तौर पर मनमोहन शाह बट्टी के लिए विरोध के स्वर मुखर होने लगे है । रही बात आदिवासी वोट बैंक में सेंध लगाने की तो भाजपा में क्या आदिवासी नोताओ का टोटा पड़ गया है ? जनजातीय समाज मे भाजपा नेताओं की साख क्या इतनी खराब है जो वे समाज के लोगो का वोट नही प्राप्त कर सकते ? ऐसी कौन सी मजबूरी आ गई जो बर्षो से काम कर रहे स्थानीय नेताओं को इस काबिल नही समझा जा रहा है या जानबूझ कर नजरअंदाज किया जा रहा है ?

क्या प्रदेश में भाजपा के पास कोई दमदार प्रत्याशी नही जो भारतीय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के संस्थापक की मनुहार में भाजपा नेता जुटे हुए है ? वही आदिवासी नेता मनमोहन शाह बट्टी कल से पत्रकारों के सम्पर्क में रहते हुए अपनी बात पूरी ईमानदारी के साथ बताते रहे कि बे भाजपा की टिकट पर छिंदवाड़ा लोकसभा का चुनाव लड़ने की शर्त पर भाजपा में शामिल हो रहे है ओर उनकी बात शीर्ष नेतृत्व से हो चुकी है बस इसकी औपचारिक घोषणा भर बाक़ी है और इसी के साथ ही वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने भाजपा में शामिल हो जाएंगे ,चूंकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह व अन्य वरिष्ठ नेतागण भोपाल से बाहर होने से मामला आगामी 2 दिनों के लिए टल गया है।
श्री बट्टी के कहा कि उनकी यह चर्चा विधान सभा चुनावों से चल रही है इसी के चलते उन्होंने भारतीय गोंडवाना पार्टी के सभी पदों ओर प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है जबकि वे उसके संस्थापक रहे है। कल से सुर्खियों में रहे इस आदिवासी नेता ने खुलकर चर्चा की । दूसरी ओर भाजपा इस पूरे मामले में कुछ भी नही बोल रही है इनके नेता इस बात से सिरे से नकार रहे है । परन्तु इतना तो है की भाजपा के शीर्ष नेत्रत्व ने इस आदिवासी नेता मनमोहन शाह बट्टी को लेकर कुछ गणित जरूर बैठा रखा है ? तभी बे छिन्दवाड़ा जैसी हाई प्रोफाइल सीट पर तांस के पत्ते फेंक रही है?
इस तरह पल – पल बदलते राजनैतिक घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भाजपा मनमोहन शाह बट्टी को लेकर साँप – छछूंदर की स्थिति में पहुँच गई है ना तो इनसे श्री बट्टी को निगलते बन रहा और ना ही उगलते बन रहा है ? आगामी दो दिनों में क्या समीकरण बनता है देखना दिलचस्प होगा ?

Share News

You May Also Like