फूड पायजनिंग से राप्ती सागर में आधा सैकड़ा बीमार….

पेंट्रीकार का विषाक्त भोजन करने से बिगड़ी यात्रियों की हालत , नागपुर-आमला के डॉक्टरों ने ट्रेन में सवार होकर किया उपचार ,

बैतूल। राप्ती सागर एक्सप्रेस के पेंट्रीकार का विषाक्त भोजन खाने से ट्रेन में सवार करीब आधा सैकड़ा से अधिक यात्री फूड पायजनिंग का शिकार हो गए। यात्रियों की हालत बिगड़ते ही रेलवे प्रशासन में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में ट्रेन के नागपुर स्टेशन पहुंचने के पूर्व ही डॉक्टरों सहित पैरामेडिकल स्टाफ को स्टेशन पर तैनात कर रखा था जैसे ही ट्रेन नागपुर पहुंची डॉक्टर सहित पैरामेडिकल स्टाफ को ट्रेन में यात्रियों का उपचार करने सवार हुआ। इसके बाद आमला से भी डॉक्टर सहित पैरामेडिकल स्टाफ ट्रेन में सवार हुआ जो कि इटारसी तक यात्रियों का उपचार किया …. बैतूल से मयंक भार्गव की रिपोर्ट 
बुधवार रात्रि में किया था भोजन : पुलिस की विशेष शाखा से आए आरक्षक विनय वर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार त्रिवेद्रम से गोरखपुर को जाने वाली गाड़ी क्रमांक 12512 राप्ती सागर एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्रियों ने बुधवार रात्रि में पेंट्रीकार से भोजन बुलाकर खाया था। जिन यात्रियों ने चिकन और अंडाकरी खाई थी उनमें से लगभग आधा सैकड़ा से अधिक यात्रियों को गुरूवार अलसुबह से ही पेट दर्द, जी मचलाना, उल्टी-दस्त होना प्रारंभ हो गए थे। शुरू में एक-दो यात्रियों को यह शिकायत होने पर उन्होंने इसे सामान्य माना लेकिन जब एस-7 बोगी के ही लगभग आधा सैकड़ा से अधिक यात्रियों को इसी प्रकार की शिकायत होने पर हड़कम्प मच गया।
चिकन-अंडा खाने वालों की बिगड़ी हालत : ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि जितने भी लोगों को जी मचलाना, उल्टी सहित पेट दर्द होने की शिकायत हो रही थी उन सभी ने या तो चिकन करी या फिर अंडाकरी खाई थी। यात्रियों की हालत बिगडऩे पर कुछ यात्रियों ने रेलवे को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रेल प्रशासन हरकत में आ गया और आनन-फानन में यात्रियों के स्वास्थ्य का उपचार करने की व्यवस्था बनाई गई।
नागपुर-आमला में हुआ उपचार : फूड पायजनिंग से बीमार हुए राप्ती सागर एक्सप्रेस के यात्रियों के उपचार के लिए रेल प्रशासन द्वारा नागपुर और आमला में डॉक्टरों सहित पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था स्टेशन पर ही कर रखी थी। जैसे ही ट्रेन नागपुर और आमला पहुंची डॉक्टर सहित पैरामेडिकल स्टाफ ट्रेन में सवार होकर बीमार यात्रियों का उपचार करना प्रारंभ कर दिया। नागपुर में यात्रियों को उस समय राहत मिली जब गुरूवार शाम 5 बजे प्लेट फार्म नं. 1 पर डॉक्टरों ने नागपुर से ट्रेन में सवार होकर उपचार देना प्रारंभ किया।
घटना की कहानी यात्रियों की जुबानी : राप्ती सागर एक्सप्रेस में अम्बाड़ापुरा से गोरखपुर की यात्रा कर रहे बिहार निवासी तैय्यब अंसारी ने बताया कि ट्रेन बुधवार सुबह सवा 6 बजे त्रिवेंद्रम से चली थी। बुधवार शाम लगभग 8 बजे जोलारपेट्टई और कटपाड़ी के बीच पेंट्रीकार के वेंडरों से यात्रियों ने भोजन में चिकनकरी और अंडाकरी खरीदकर खाई थी। गुरूवार सुबह से ही लगभग आधा सैकड़ा यात्री फूड पायजनिंग का शिकार हो गए। रेलवे को सूचना देने पर नागपुर और आमला स्टेशन पर बीमार यात्रियों का उपचार किया गया। साथ ही डॉक्टर और स्टाफ ने ट्रेन में सवार होकर भी यात्रियों को उपचार दिया।
विषाक्त भोजन की हो रही जांच : राप्ती सागर एक्सप्रेस के पेंट्रीकार से यात्रियों द्वारा किए गए भोजन के बाद यात्रियों की बिगड़ी हालत के मामले में आमला से कमर्शियल इंस्पेक्टर श्री पंत सहित अन्य रेलवे कर्मचारी ट्रेन में सवार हुए। इनके द्वारा पेंट्रीकार से यात्रियों को दिए गए भोजन की जांच की जाएगी। वहीं पेंट्रीकार के कर्मचारियों के बयान भी लिए जाएंगे। कुल मिलाकर घटना क्यों घटित हुई इसकी विस्तृत जांच कर रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
राप्ती सागर एक्सप्रेस में पेंट्रीकार से भोजन करने वाले यात्रियों की हालत बिगडऩे के मामले में जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।
सुनील पंथ, कर्मशियल इंस्पेक्टर, बैतूल

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