दीपक सक्सेना कल प्रोटेम स्पीकर की शपथ लेंगे,लाब-लश्कर के साथ रवाना…..

छिन्दवाड़ा विधायक दीपक सक्सेना कल प्रोटेम स्पीकर की शपथ लेंगे ! यह की खबर उनके करीबी सूत्रों द्वारा पुष्ट की गई है है । अभी – अभी शाम को वे भोपाल के लिए रवाना भी हो गए है। इस खबर के साथ ही दीपक समर्थको में ख़ुशी की लहर व्याप्त है। गौरतलब है कि कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ से ही विधायक दीपक सक्सेना को प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें राजनैतिक गलियारों तैरने लगी थी। ……………..छिन्दवाड़ा से राकेश प्रजापति 

मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 2 जनवरी को दोपहर 1 बजे वरिष्ठ विधायक दीपक सक्सेना प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ लेंगे। 2 जनवरी को उन्हें राज्यपाल आनंदी बेन शपथ दिलाएंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कमलनाथ, मंत्रिमंडल के सदस्य और अन्य विधायक मौजूद रहेंगे।

इस खबर के साथ ही संवाददाता से अनेको लोगो ने जानना चाहा की प्रोटेम स्पीकर क्या होता है ? इसलिए हम बता रहे है कि  प्रोटेम स्पीकर उन्हें कहा जाता है, जो चुनाव के बाद पहले सत्र में स्थायी अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष का चुनाव होने तक संसद या विधानसभा का संचालन करते हैं। सरल शब्दों में कहें, तो कामचलाऊ और अस्थायी अध्यक्ष ही प्रोटेम स्पीकर हैं। लोकसभा अथवा विधानसभाओं में इनका चुनाव बेहद कम वक्तों के लिए होता है।

सामान्यतः सदन के वरिष्ठतम सदस्य को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है। लोकसभा अथवा विधानसभा चुनाव के ठीक बाद अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले अस्थायी तौर पर वे सदन के संचालन से संबंधित दायित्वों का निर्वहन करते हैं। प्रोटेम स्पीकर तब तक अपने पद पर बने रहते हैं, जब तक सदस्य स्थायी अध्यक्ष का चुनाव न कर लें।

हालांकि लोकसभा अथवा विधानसभाओं में प्रोटेम स्पीकर की जरूरत तब भी पड़ती है, जब सदन में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, दोनों का पद खाली हो जाता है। यह स्थिति तब पैदा हो सकती है, जब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, दोनों की मृत्यु हो जाए अथवा वे अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दें।

संविधान में, हालांकि प्रोटेम स्पीकर की शक्तियां स्पष्ट तौर पर नहीं बताई गई हैं, लेकिन यह तय है कि उनके पास स्थायी अध्यक्ष की तरह शक्तियां नहीं होतीं। मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के समक्ष् विश्वास मत प्रस्ताव की कार्यवाही के संचालन की जिम्मेदारी होगी।

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