पुलिस अधिकारियो को प्रशिक्षण दे रहे पातालकोट के वीरसिंह भलावी

*केंद्रशासित प्रदेश दमन दियू में पुलिस अधिकारियो को प्रशिक्षण दे रहे पैरामोटर पायलट वीरसिंह भलावी*
तामिया( छिंदवाडा) – जिले के ग्रामीण अंचल से निकल कर वीरसिंह भलावी आज देश और दुनिया मे पैरामोटर पायलट के रूप मे जिले का नाम रोशन कर रहे है | 2009 मे पातालकोट महोत्सव मे एक शिविरार्थी के रूप मे शामिल हुये चौरई तहसील के हलालकला गाव के आदीवासी युवक वीरसिंह आज देश के नामी पैरामोटर पायलटो मे एक है | दमन और दीव मुंबई के समीप अरब सागर में स्थित द्वीप समूह हैं जो भारत का एक केन्द्र शासित प्रांत है। यहाँ की राजधानी दमन है। गुजरात की राजधानी से 400 किमी दूर दमन दीव में वीरसिंह भलाबी बीते दो साल से विजय वाटर स्पोर्ट्स कम्पनी के पैरामोटर पायलट है|

वीरसिंह भलाबी बीते दो सालो से दमन दीव मे पैरामोटर मे जहा पर्यटको को आसमान की रोमांचकारी सैर कराते है वही एनसीसी कैडेटस तथा डीवायएसपी स्तर के पुलिस अधिकारियो को पैरामोटर फ्लाइंग की ट्रेनिंग दे रहे है | छिंदवाडा जिले की चौरई तहसील के जमतरा ग्राम के पास हलालकला ग्राम के निवासी गरीब किसान परिवार के वीरसिंह भलावी 2009 के पातालकोट महोत्सव के कैम्प में ट्रेनिंग लेने आये थे और आज खुद कई कैम्पो मे आये बच्चो को सिखाने की जिम्मेदारी निभा रहे है | वीरसिंह भलावी पर्यटको के साथ अब पुलिस अधिकारियो को भी ट्रैनिंग दे रहे है| केंद्र शासित प्रदेश दमन गुजरात राज्य के वलसाड जिला के नजदीक स्थित है। पहले यह पुर्तगालियों के कब्‍जे में था। स्‍वतंत्रता के बहुत बाद तक यह पुर्तगालियों के कब्‍जे में रहा। 1961 ई. जब गोवा को पुर्तगालियों के कब्‍जे से मुक्‍त कर भारत में मिलाया गया, उसी समय दमन को भी भारत में शामिल कर लिया गया। उस समय इसे गोवा में मिला दिया गया था। 1987 ई. में इसे अलग से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। तामिया के खेल परिसर मे रहकर खेल और बारहवी की पढाई करने के बाद परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति होते हुये मेहनत और कुछ कर गुजरने के जुनुन ने चौरई ब्लाक के हलालकला गाव मे मे पांच भाई बहनो मे सबसे छोटे वीरसिंह भलावी पातालकोट महोत्सव में पैरामोटर के साथ पातालकोट आने वाले जिले और बाहर के लोगो को प्रशिक्षित कर रहे चुके है उनके लिये एडवेंचर स्पोर्ट्स मे कैरियर बनाना उनके लिये उतना आसान नही था 04 दिसंबर 1988 को जन्मे वीरसिंह ने तामिया परिसर मे पढाई पूरी की 2009 में तत्कालीन कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव और सीसीएफ वानिकी सुनीश बक्शी के कार्यकाल में पहली बार आयोजित पातालकोट महोत्सव कैम्प में बतौर छात्र भाग लिया वहा से रोमांचक खेलो में अपना कैरियर बनाने की दिशा में प्रयास शुरु हुआ तत्कालीन जिला रोजगार अधिकारी पवन भिमटे आगे बढाने अहम योगदान दिया| वीरसिंह बताते है कि आज वह अपने पैरामोटर के रोमांचक खेल में दोस्तो परिवार रिश्तेदारो की मदद से 45 लाख रूपये के सेटअप के साथ पूरे देश में एडवेंचर एक्टिवीटी कराने गोवा महाराष्ट्र राजस्थान पश्चिम बंगाल हिमाचल सहित अन्य प्रदेश मे जाते है| गौरतलब है कि वीरसिंह ने बीते साल मध्यप्रदेश में हनुमंतिया का टूरिस्म प्रमोशन कार्यक्रम छोद दिया था | वीरसिंह ने पातालकोट और अपने जिले की जमीन पर पहली बार पैरामोटर का प्रयोग करने की चाह मे तीन लाख रूपये का मुनाफा छोडकर छिंदवाडा जिले मे पहली बार पैरामोटर से पर्यटको और स्थानीय लोगो खासकर बच्चो को हवाई सफर कराया था,वीरसिंह इसे अपनी उपलब्द्धि बताते हुये कहते है कि यह मेरे जीवन की कमाई है जहा से मैने सीखा वही से मै इस काम को दिखा सकता हूँ| वीरसिंह ने बताया कि छह माह की ट्रैनिंग के साथ अन्य तकनीकी चीजे सीखने के बाद पता चला कि पैरामोटर से उडान भरने के दौरान हवा मे भी कच्ची सडक होती है वहा हवा का रूख बदलता है तो उडान आसान नही रहती है उडान के लिये टेक आफ से पहले सारी लाइन मे पैराशुट इंजन सहित सिक्युरिटी के लिये हेलमेट सीटहार्मेस अन्य ग्राउन्ड सपोर्ट देखते है|

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