मोदी की जुमलेबाजी से कन्हान क्षेत्र को बड़ा नुकसान– सुनील उइके

🔸व्यापारी और आम जनता के साथ आएगी कांग्रेस और इंटक….

🔸मोआरी खान की एचएमएस की इकाई ने दिया कांग्रेस और इंटर को अपना साथ….

🔸मोआरी खान के गेट पर बीएमएस ने की निम्न स्तर की घटिया राजनीति….

🔸गेट मीटिंग के बाद गुढी (पालाचौरई) पहुचकर आंदोलन की तैयारी को लेकर हुई चर्चा।

♦जुन्नारदेव…..केंद्र की भाजपानीत मोदी सरकार की षड्यंत्रकारी नीतियों के फलस्वरूप खत्म हो रहे हैं कन्हान क्षेत्र को बचाने के लिए अगुवाई कर रही इंटक और कांग्रेस को आज HMS का भी साथ मिल गया। इस आदिवासी अंचल की आम जनता और व्यापारियों की गहरी निराशा को आज उस समय और बल मिल गया जब कांग्रेस और इंटक सहित HMS में उनके आंदोलन को अपना साथ देने की भी घोषणा कर दी। कोयलांचल को बचाने कांग्रेस एवं इंटक के द्वारा किये जा रहे आंदोलन तथा जनाक्रोश रैली को सफल बनाने के लिए आज नेतागणों ने कन्हान क्षेत्र की बंद होने वाली सबसे बड़ी मोआरी कोयला खदान पहुच गेट मीटिंग कर सहयोग मांगा। कोयला क्षेत्र के महत्वपूर्ण श्रमिक संगठन एच एम एस ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

🔸निम्नस्तरीय और घटिया राजनीति पर उतरी बीएमएस……गेट मीटिंग में एक समय अप्रिय स्थिति बनने के आसार नजर आने लगे थे किंतु कांग्रेस, इंटक एवं एच एम एस के नेता तथा श्रमिकों की समझदारी से यह स्थिति टल गई। जब आंदोलन को सफल बनाने गेट मीटिंग चल रही थी तभी बीएमएस के कुछ नेता डी जे लेकर जोर जोर से नारेबाजी करने लगे उन्हें पता था, कि खदान पर कांग्रेस, इंटक एवं एच एम एस के द्वारा संयुक्त गेट मीटिंग चल रही है. इसके बाद भी वे नारेबाजी करते रहे उनकी इस हरकत से कुछ नेता एवं श्रमिक आक्रोशित होने लगे. ऐसे वहां उपस्थित वरिष्ठ नेतागणों एवं वरिष्ठ श्रमिकों ने लोगो को समझाइश देकर उन्हें शांत रहने की अपील की और अपनी गेट मीटिंग को चालू रखा। श्रमिकों ने बी एम एस के कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि खुद से कुछ बनता नही और जब कोई हमारी लड़ाई को लड़ने आगे आया है तो इनके पेट मे दर्द होने लगा है।.

🔸भाजपानीत मोदी सरकार की षड्यंत्रकारी नीतियों का परिणाम है कन्हान क्षेत्र के अस्तित्व पर गहराता संकट….गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए पूर्व जिलापंचायत सदस्य सुनील उइके ने कहा कि मैं जब भी आपके बीच आता था मुझे बड़ी प्रसन्नता होती थी आपके बीच मे आकर अपनेपन की अनुभूति होती थी , क्योकि मैं भी कोयला श्रमिक का बेटा हूँ। मेरे पिताजी भी पेंच एरिया में टिम्बर मिस्त्री का कार्य करते हुए सेवानिवृत्त हुए है आज मैं बड़े ही दुखी मन से आप के बीच आया हूँ, क्योकि केंद्र की मोदी सरकार हमारे क्षेत्र का अस्तित्व खत्म कर हमारे परिवार को छिन्न भिन्न कर रही है। वर्षो पुराना हमारा साथ अब छूटने वाला है हम अब बिछुड़ने वाले है। क्योंकि जब यहां की कोयला खदानें बन्द हो जाएगी तो आप सभी यहां से स्थानान्तरित होकर कही और चले जाएंगे। हमारे परिवार को तहस नहस करने का यह कुकर्म केंद्र में काबिज बीजेपी की मोदी सरकार कर रही है। हम और हमारी आने वाली पीढ़ी इस कुकृत्य के लिए बीजेपी को माफ नही करेंगे। आज बी एम एस और भाजपा के लोग हमें गुमराह करने का प्रयास कर रहे है। केंद्र में इनकी सरकार है , इन्हें अपने आकाओं से कहकर इस परिस्थिति से क्षेत्र को बचाना चाहिए किन्तु ये नौटंकी कर रहे है। हमारी गेट मीटिंग में जो ये बाधा पहुचाने का असफल प्रयास कर रहे ये यू ही नही है, इनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक रही है। केंद्र में बैठे इनके मुखिया झूठ बोल बोल कर पूरे देश को गुमराह कर रहे है यही काम इनकी संतानें यहां कर रही है।ये सब आपके सामने हो रहा है। आपका भाई एवं बेटा होने के नेता मैं आपको ये विश्वास दिलाता हूँ कि इस क्षेत्र के अस्तित्व को बचाने के लिए जो भी करना पड़ेगा जिले के सांसद एवं पूर्व केंद्रीयमंत्री कमलनाथ के सहयोग एवं आशीर्वाद से हर संभव प्रयास करूंगा। गेट मीटिंग को पेंच कन्हान के पूर्व अध्यक्ष भोलूसिंग ठाकुर, एच एम एस के महामंत्री विजय श्रीवास्तव, दमुआ ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद निरापुरे, नवेगांव कांग्रेस पर्यवेक्षक छोटू पाठक, जिलापंचायत सदस्य गुरुचरण खरे, कमल राय, राजू सोलंकी, मदन जंघेला, भगवानदीन यादव, खलील खान , देवीसिंग सूर्यवंशी ,रवि पवार, अकबर अली सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। इसके पश्चात समस्त नेतागणों ने प्रसिद्द हिंगलाज मंदिर पहुचकर पूजन कर माँ हिंगलाज से इस क्षेत्र की रक्षा का आशीर्वाद मांगा। तदोपरांत सभी ने गुढी आकर इंटक आफिस में मीटिंग कर आन्दोल की रूप रेखा बनाकर सभास्थल, पार्किंग आदि की तैयारी पर विचार विमर्श किया।

इस अवसर पर सुनील उइके, भोलूसिंग ठाकुर, विजय श्रीवास्तव, घनश्याम तिवारी, विनोद निरापुरे, छोटू पाठक, गुरुचरण खरे, राजू सोलंकी, जीतेन्द्र अग्रवाल, अंकित राय, देवीसिंग सूर्यवंशी, फारूक सिद्दीकी, रामचन्द्र पवार, कमल राय, जगदीश तिवारी, भगवानदीन यादव, मदन जंघेला, रवि पवार, हेमराज पवार, खलील खान, कय्यूम भाई, अकबर अली, एल डी राठौर, नरेश सेंगर, रामसिंग ठाकुर, रमेश बावने, मनोज राय, मनीष सेन, राहुल यादव, राजेश नागले, प्रदुम्न पवार, अनीश खान, हरीश डेहरिया, नितेन्द्र पवार, नयन पाल, सहित कांग्रेस, इंटक एवं एच एम एस के नेतागण कोयला श्रमिक भारी संख्या में उपस्थित थे।

रिपोर्ट✍तरुण बत्रा

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