हर्रा,लाख संग्रहको को वैज्ञानिकों ने दिया प्रशिक्षण….

आदिवासी बाहुल्य विकासखंड मे वनोपज पर निर्भर समुदाय को प्रशिक्षित करने उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान केंद्र जबलपुर के वैज्ञानिको ने एक दिवसीय प्रशिक्षण मे वनोपज संग्राहको को हर्रा लाख संग्रहण की तकनीक से अवगत कराते हुये वनोपज का सही मूल्य मिलने की जानकारी दी | ट्राईफेड द्वारा पोषित एमएफपी एमएसपी योजना के तहत लघु वनोपज के संवहनीय विदोहन पर प्रशिक्षण का आयोजन म.प्र. लघुवनोपज संघ भोपाल ने उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर के तकनीकी सहयोग से स्थानीय सामुदायिक भवन में किया गया ! एक दिवसीय प्रशिक्षण में ग्रामीणों को हर्रा लाख संग्रहण करने के तरीके बताए ।

टीएफआरई की वैज्ञानिक ड़ॉ नानिता बेरी ने लाख तथा डॉ हरिओम सक्सेना ने हर्रा संग्रहण की जानकारी दी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिम वन मंडल की डीएफओ डॉ किरण बिसेन लघुवनोपज संघ के ड़ॉ अनिल कुमार, टीएफआर आई के ड़ॉ सरनम,ड़ॉ विशाखा,एसके चौबे,लघुवनोपज संघ के एसडीओ अनादि बुधौलिया प्रोबेशन आईएफएस अमित निकम,प्रोबेशन एसीएफ राहुल रघुवंशी,अतुल पारधी,तामिया रेंजर आरपी श्रीवास्तव सहित समस्त स्टाफ ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशिक्षण में उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान जबलपुर की वैज्ञानिक एंव वन प्रबंधन कृषि वानिकी की प्रभागाध्यक्ष डॉ ननिता बेरी ने ग्रामीणो को सबसे पहले जंगल बचाने का संकल्प दिलाया उन्होने कहा पशुयो के लिये चारा और जलाऊ लकडी के साथ अपना काम चलाकर जंगल बचा सकते है डॉ ननिता बेरी ने लाख लेलीफेरा लक्का के संवहनी विदोहन के एक दिवसीय प्रशिक्षण ग्रामीणो को एग्री लाख कल्चर के साथ खेती करने लगाने का समय देखरेख उचित मूल्य के साथ सामूहिक रूप से उत्पादन करने की जानकारी दी | टीएफआरई जबलपुर के वनोपक रसायन के वैज्ञानिक डॉ हरिओम सक्सेना ने औषधीय गुणो से भरपुर हर्रा टर्मीनेलिया चेबुला के संग्रहण की तकनीक की जानकारी वनोपज संग्राहको को दी | उन्होने कहा कि सही तरिके से संग्रहण करने पर ग्रामीणो को सही दाम मिल सकेगा गौरतलब है कि तामिया का हर्रा कई आयुर्वेद उत्पाद बनाने वाली कंपनियो को भेजा जाता है | इस कार्यक्रम मे डीएफओ डॉ किरण बिसेन ने बताया कि हर्रा संग्रहण करने वाले ग्रामीणों से इसकी खरीदी के लिए केन्द्र सरकार ने इस वर्ष न्यूनतम संग्रहण मूल्य 11 रूपए प्रति किलो प्रति क्विंटल घोषित किया है। इस न्यूनतम समर्थन मूल्य पर राज्य सरकार ने हर्रा खरीदी का कार्य पिछले वर्षों की तरह इस बार भी प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है। वनोपज संग्राहक अब वन विभाग के बंधन केंद्र मे अपनी वनोपज बेच सकेंगे| लघुवनोपज संघ के डॉ अनिल कुमार ने भी संगाहको से सवालो का समाधन कर जबाब दिया| इस दौरान डिप्टी रेंजर मनोज पवार,मारूति धुर्वे सीताराम कतिया एनके तिवारी वनरक्षक जागेश्वर भलावी संजय धुर्वे अनिल परतेती वन विभागीय अमला अनेको संग्राहक मौजूद रहा | कार्यक्रम के अंत मे टीएफआरआई द्वारा वनोपज संग्राहको को इकोफ्रैंडली कपडे के थैले वितरित किये गये |

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