उच्च जाति के गरीबों को दिया जाए 25 फीसदी आरक्षण : रामदास आठवले

एससी-एसटी एक्ट में हुए संशोधन के बाद सवर्णों ने भारत बंद का ऐलान किया। यही नहीं कल 6 सितंबर यानी गुरुवार को भारत बंद के दौरान कई जगहों पर हिंसा जैसी स्थिति देखने को मिली। इस विरोध के बाद केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास आठवले ने उच्च जातियों के गरीब लोगों के लिए आरक्षण की मांग उठा दी है।
आठवले ने कहा कि उच्च जातियों के गरीब लोगों को 25 फीसदी आरक्षण दिया जाए। नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री के इस बयान के बाद कयासों का दौर शुरू हो गया है। साथ ही इसे 2019 के लोकसभा चुनाव से जोड़ा जाने लगा है।
यही नहीं, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भारत बंद को विपक्ष की चाल बताते हुए कहा कि एससी-एसटी एक्ट को लेकर जो विरोध हुआ है, वह गलत है। लोगों को यह समझना चाहिए कि यह ऐक्ट उनको सुरक्षा देने के लिए बना है।
‘जानबूझकर कराया गया है एससी-एसटी एक्ट का विरोध’ :- लखनऊ में v v i p गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत में रामदास आठवले ने कहा, ‘मैं यह अपील करता हूं कि इसका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। यह ऐक्ट दलितों को सुरक्षा देने के लिए बना है।’ आठवले ने कहा, ‘अब यह कानून रद्द नहीं होनेवाला, इसलिए रद्द करने की मांग करनेवालों को उन लोगों से अच्छा व्यवहार रखना चाहिए, जिनके लिए यह बना है। कुछ लोगों ने जानबूझ कर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए यह विरोध करवाया है।’
‘आंबेडकरवादी हैं मायावती तो Bjp में हों शामिल’ :- केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्यों में यह प्रदर्शन इसलिए हुआ क्योंकि सरकार को बदनाम करने के लिए विरोधी पार्टियों ने इसे करवाया है। सरकार जातिवाद खत्म कर रही है, मायावती जातिवाद बढ़ा रही हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि मायावती सही मायने में आंबेडकरवादी हैं, तो उन्हें बीजेपी के साथ आना चाहिए, एसपी के साथ उन्हें फायदा नहीं मिलेगा। आठवले ने कहा, ‘हम सबका साथ सबका विकास के लिए काम करते हैं, पर यह कानून जो बना है, इसका फायदा 2019 और मध्यप्रदेश के चुनाव में बीजेपी को मिलेगा।’
साभार :- नाभटा
Share News

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published.