सरकार पर न्यायालय की अवमानना का प्रकरण दर्ज हो : डी.के.प्रजापति


 PSC परीक्षा तत्काल निरस्त हो  अथिति विद्वान् प्राध्यापकों ने किया संघर्ष का एलान , सरकार पर सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना का प्रकरण दर्ज हो –  हिन्द मज़दूर किसान पंचायत

 मध्य प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों मे अध्यापन कार्य सम्पादित कर रहे अथिति विद्वानों की समस्याओं के निराकरण के सम्बन्ध मे हिन्द मज़दूर किसान पंचायत म.प्र. के महासचिव.डी.के.प्रजापति के मुख्य आतिथ्य एवं सुषमा प्रजापति कि विशेष उपस्थिति मे आयोजित बैठक मे प्रदेश भर से आये संगठन के प्रमुख प्रतिनिधिओ ,ने  यह मे तय किया की अब अथिति विद्वानों कि जायज मांगो के लिए संघर्ष ही एक मात्र विकल्प हे और यह संघर्ष अब हिन्द मज़दूर किसान पंचायत के माध्यम से तेज करने का समय आ गया है ! इस अवसर पर डी.के.प्रजापति ने कहा कि मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों मे पिछले 20-20 वर्षो से अध्यापन कार्य सम्पादित कर रहे अथिति विद्वानों जिनकी संख्या लगभग 6 हजार हे सरकार द्वारा इनके भविष्य के साथ किये गए भयानक खिलवाड़ के चलते इन विद्वानों के सामने रोजी रोटी का स्थायी संकट पैदा कर दिया गया हे शिक्षा का व्यवसायीकरण करते हुए इन पदों पर ऐसे लोगो कि पदस्थापना करनी प्रारम्भ हे जो कि शिक्षण कार्य का अनुभव नहीं रखते हे और इसके लिए बाकायदा PSC कि परीक्षा को आयोजित करवा कर इन भर्तियों मे व्यापक भ्र्ष्टाचार किया हे  वर्तमान मे की जा रही आयोजित परीक्षा मे चयनित अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत आवश्यक प्रमाणपत्रो ,विकलांगता प्रमाणपत्र ,मूल निवासी प्रमाण पत्र योग्यता प्रमाण पत्र की जांच किया जाना आवश्यक हे कयोंकि इसमें बड़े पैमाने पर भ्र्ष्टाचार किया गया है जिसका एक कारण यह भी हे की बहुत से अभ्यर्थिओ द्वारा फर्जी CERTIFICATES लगाकर भ्र्ष्टाचार के माध्यम से एवं अनुभव पत्र लेकर लाभ लेने का प्रयास किया गया हे साथ ही कुछ GUIDES  द्वारा उनके अधीनस्थ शोध कार्य कर रहे अभ्यर्थियों को MODEL ANSWER PAPERS  देकर प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया गया हे और 2 से अधिक संतान होने के बाद भी अभ्यर्थियों को इस पद का लाभ पहुंचाया जा रहा हे इस में जांच का कोई प्रावधान नहीं होने से ये सभी नियुक्तिओ पर प्रश्नचिन्ह लग गया हे इसके लिए पारदर्शी पहलकी आवश्यकता हे जो सरकार के द्वारा नहीं की जा रही हे  श्री प्रजापति ने कहा कि इस पदों पर महाविद्यालयों मे पूर्व से अध्यापन कार्य कर रहे समस्त अथिति विद्वानों को नियमित किया जावे तथा भ्र्ष्टाचार के रूप मे माध्यम बनी आयोजित PSC कि परीक्षा को तत्काल रद्द किया जावे मध्य प्रदेश कि शिवराज सरकार ने इस परीक्षा मे महिला आरक्षण को भी दरकिनार करते हुए पदेश कि महिला प्राध्यपको के साथं अन्याय किया हे चयनित आवेदकों को आरक्षण का लाभ के निर्धारित मापदंड स्थापित नहीं किये जाने से अन्य प्रदेश के आरक्षित वर्ग के आवेदकों को नियुक्तियों के लिए दरवाजे खोल दिए गये हे जो की अनुचित हे इसकी जाँच होना आवश्यक हे वर्तमान मे सरकार के निर्णय के खिलाफ माननीय सर्वोच्च न्यायालय मे संघ द्वारा प्रस्तुत याचिका विचाराधीन हे उसके बाद भी सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया को प्रारम्भ रखा गया हे यह माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना की श्रेणी मे आता हे इस बात का संज्ञान लेकर सरकार पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना का प्रकरण दर्ज किया जाना आवश्यक हे -मानव संसाधन एवं UGC  द्वारा दी गयी  19/07/2018 की GUIDE LINE के अनुसार भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाना आवश्यक हे भर्ती प्रक्रिया मे सबसे आवश्यक तथ्य महिला आरक्षण प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाकर चयन सूची के प्रकाशन मे महिलाओं की हर स्तर पर उपेक्षा की गयी हे यह विधि विरुद्ध प्रक्रिया हे  हिन्द मज़दूर किसान पंचायत का यह मानना हे की 2 वर्ष या 2 वर्ष से अधिक शासकीय विभाग मे सेवाएं देने पर संबंधित अथिति विद्वान को शासकीय सेवक का दर्जा दिया जाना चाहिए हिन्द मज़दूर किसान पंचायत अथिति विद्वानों के साथ हर मोर्चे पर सड़क से लेकर संसद तक एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत हर स्तर पर संघर्ष करने एवं न्याय दिलाने तक संघर्ष को तैयार हे . इस महत्वपूर्ण बैठक मे छिंदवाड़ा ,सिवनी ,बैतूल, बालाघाट .भिंड ,मुरैना ,ग्वालियर ,रीवा, पन्ना ,सतना ,गजबासौदा ,रायसेन ,शहडोल ,उमरिया ,जबलपुर कटनी ,श्योपुर ,सीधी,   इंदौर,उज्जैन ,खंडवा ,सागर ,नरसिंगपुर ,मंडला, डिंडोरी ,विदिशा ,शिवपुरी ,गुना छतरपुर होशंगाबाद ,छतरपुर के विद्वान् अतिथि प्राध्यापक उपस्थित थे कार्यक्रम मे सुषमा प्रजापति .डा. सुदीप सूर्यवंशी ,डा अनूप सिंह ,डा. विजय राजोरिया ,डा. विकाश जैन ,शायमा कुरैशी ,डा. रोहित जैन. डा. जय प्रकाश साहू   ने भी सम्बोधित किया .

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