अटल जी के निधन की घोषणा की टाइमिंग पर शिवसेना ने उठाए सवाल…

राज्य सभा से सांसद और शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादक संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु की घोषणा पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सामना में लिखे एक संपादकीय में कहा है कि क्या प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में बाधा न पड़े इसलिए अटल जी की मृत्यु की घोषणा 16 को की गई है. संजय राउत ने सामना में लिखे लेख में और भी कई बातों पर सवाल खड़े करे हैं जिसका नाम दिया गया है स्वराज्य क्या है ?

बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना के सांसद संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेपी के निधन की घोषणा देरी से करने का आरोप लगाया है ताकि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से दिए जाने वाले भाषण में किसी तरह की कोई बाधा नहीं आ सके. राज्यसभा सांसद और शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादक संजय राउत ने वाजपेयी के निधन के दिन को लेकर उठाए गए सवाल पर किसी तरह का कारण या कोई स्पष्टीकरण नहीं बताया है.

ज्ञात हो कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के 11 जून से दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती थे जहां 16 अगस्त को उनकी एम्स ने उनके निधन की घोषणा की थी जिसमें उनके निधन का वक्त भी बताया था. लेकिन अब संजय राउत ने इस उनकी मौत के दिन को लेकर उठाए सवाल से नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है.

शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सामना में एक संपादकीय लिखा है जो मराठी में है जिसका शीर्षक है ‘स्वराज्य क्या है? अपने लेख में राउत ने कहा, ‘ आम लोगों के बजाय हमारे देश के शासकों को पहले ये बात समझनी चाहिए की स्वराज्य क्या है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त को हुआ लेकिन उनकी तबियत 12-13 अगस्त से ही बिगड़नी शुरू हो गई थी’. उन्होंने कहा, ‘स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय शोक और राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाने से बचने की खातिर और पीएम नरेंद्र मोदी को लाल किले से भाषण देने के लिए, वाजपेयी ने इस दुनिया को 16 अगस्त को छोड़ा (या जिस दिन उनके निधन की घोषणा की गई थी)’

संजय राउत ने कहा, ‘स्वतंत्रता दिवस पर हमले करनेकी साजिश रच रहे 10 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया जिनके पास से भारी मात्रा में हथियार भी जब्त किए गए जिसके बाद पीएम मोदी ने निर्भय होकर स्वतंत्रता दिवस को मनाया’. संजय ने प्रधानमंत्री मोदी के लाल किले के भाषण पर तंज कसते हुए लिखा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से गरीबों के लिए कई घोषणाएं की लेकिन उनकी भाषण देने का अंदाज कुछ ऐसा था कि पिछली सरकारों ने देश में कुछ किया ही नहीं है और अब तक की आजादी बेकार थी.

संजय राउत ने आगे लिखा, यह बात सच हैकि गरीबों के लिए चलने वाली वाली कल्याणकारी योजनाएं ईमानदार जनता के भरे हुए टैक्स के पैसे से चलती हैं. उन्होंने कहा, यह बात भी सच है कि प्रधानमंत्री का विदेश दौरा भी उसी रकम से पूरा होता है जो टैक्स जनता द्वारा भरा जाता है. और सरकार द्वारा किए जाने विज्ञापन के खर्चों पर निशाना साधते हुए कहा, विज्ञापनों पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रूपये भी जनता के टैक्स के पैसे से हासिल होते हैं इस सरकार का नया तरीका है जिसके तहत स्वराज का काम कर रहा है.

 

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