श्रमिको के जिले में आपका स्वागत है….

लोगो ने अपना और इस जिले का नाम शर्मशार कर दिया है , अब क्या नगर निगम को शहर की  सभी चारो दिशाओ में शहर प्रवेश द्वारों पर बड़े बड़े स्वागतद्वार लगाकर  श्रमिको के जिले में आपका स्वागत है के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने में गर्व महसूस होगा ?  जिले के राजनेताओ का सीना जरुर गर्व से चौड़ा हो रहा है की उनका जिला अब प्रदेश में श्रमिको के जिले के रूप में नई पहचान बना चुका है ? जिले में उद्योगपति, व्यवसायी और राजनेताओं , पत्रकारो सहित हजारों लोगों ने मजदूर के तौर पर पंजीयन करवा लिया है..सतना जिले की तरह कारवाही की दरकार , ताकि जिले के नाम पर से लगा कलंक मिट् सके ….रिपोर्ट : राकेश प्रजापति 

असंगठित  श्रमिको के पंजीयन के मामले में प्रदेश में छिन्दवाड़ा जिला दुसरे स्थान पर पहुंच गया है ! छिन्दवाड़ा जिले की कुल जनसंख्या 2081005 है , जिले में अब तक 6 लाख ८४ हजार पंजीक्रत  श्रमिक हो गए है! इसके बाद भी २५ हजार से ज्यादा आबेदन पेंडिंग है , जिनकी जाँच होना है , इसके बाद यह आंकडा सात लाख के आसपास पहुंच जाएगा !

मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना का लाभ पाने के लिए अधिकारियों की मिली भगत से पूरे प्रदेश की तरह छिन्दवाड़ा जिले में भी  तथाकथित मजदूरे की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है ! लोगो ने अपना और इस जिले का नाम शर्मशार कर दिया है , अब क्या नगर निगम को शहर की  सभी चारो दिशाओ में शहर प्रवेश द्वारों पर बड़े बड़े स्वागतद्वार लगाकर  श्रमिको के जिले में आपका स्वागत है के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने में गर्व महसूस होगा ?  जिले के राजनेताओ का सीना जरुर गर्व से चौड़ा हो रहा है की उनका जिला अब प्रदेश में श्रमिको के जिले के रूप में नई पहचान बना चुका है ? जिले में उद्योगपति, व्यवसायी और राजनेताओं , पत्रकारो सहित हजारों लोगों ने मजदूर के तौर पर पंजीयन करवा लिया है. जानकारी के अनुसार संबल योजना में इतनी बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा बिलजी बिल में छूट और पिछला बिल का बकाया माफ करवाने के लिए किया जा रहा है.

वही दूसरी ओर सतना में इस योजना का लाभ लेने के लिए करोड़पति लोग भी मजदूर बन गए हैं. मामले का खुलासा होते ही नगर निगम कमिश्नर ने पूरी सूची की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई है और वर्तमान योजना प्रभारी को हटा दिया गया है. सतना में ऑटोमोबाइल फर्म संचालक हो या पेट्रोल पंप मालिक, नेता जी हो या पार्षद. ऐसे लोगों की फेहरिस्त बड़ी लंबी है जो करोड़ों का व्यापार होने के बाद भी बेशर्मी से अपना नाम मजजूरों के फायदे के लिए बनी संबल योजना में पंजीकृत करवा रहे हैं.

इन रसूखदारों का मजदूरी से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है, लेकिन इसके बावजूद भी नगर निगम के अधिकारियों से सांठ गांठ कर ये मजदूर बन बैठे हैं. अगर मामले की जांच की जाती है तो करीब 50 फीसदी फर्जी मजदूर बेनकाब हो जाएंगे, जबकि असली मजदूर इस सूची से गायब है. मामले को तूल पकड़ता देख सतना नगर निगम कमिश्नर ने आनन फानन में वर्तमान सहायक आयुक्त नीलम तिवारी को योजना शाखा के प्रभार से हटा दिया है साथ ही चार सदस्यीद जांच दल का भी गठन कर दिया है.

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