कमलनाथ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को नोटिस..

इसी बर्ष होने बाले चुनावो को लेकर राजनैतिक हलको में जबरदस्त हलचल शुरू हो गई है , खासकर दोनो विपक्षी दलों में तू डाल डाल मैं पात पात की प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है कोई भी दल कोई कोर कसर नही छोड़ रहा है , इन्ही सब के चलते सत्ता में आने के लिए मचल रही कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने सुप्रीम कोर्ट में  याचिका दायर की जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

दायर याचिका में नाथ ने चुनाव से पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव में हर सीट की 10 फीसदी VVPAT पर्चियों के EVM से मिलान की मांग की थी।मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को की जाएगी।इसकी सुनवाई जस्टिस एके सिकरी और जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने की।

कांग्रेस  पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वीवीपीएटी पर्चियों के सत्यापन की मांग की थी और कहा था कि सुप्रीम कोर्ट इलेक्शन कमीशन को निर्देश दे कि EVM में डाले गए वोटों का मिलान VVPAT से किया जाए।  कांग्रेस की इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है औऱ सुनवाई की गई। गुरुवार को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।वही सुप्रीम कोर्ट इलेक्शन कमीशन को निर्देश दे कि EVM में डाले गए वोटों का मिलान VVPAT से किया जाए।

ज्ञात हो कि  मध्यप्रदेश की मतदाता सूचियों के सत्यापन में 24 लाख फर्जी वोटरों के नाम सामने आए हैं। परीक्षण के बाद ये नाम हटा दिए गए हैं। पुन: निरीक्षण के दौरान 11 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। अब प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 4 करोड़ 94 लाख हो गई है। वही मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए इस साल के आखिरी तक चुनाव होना है।

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