GDP ग्रोथ रिपोर्ट ने कराई मोदी सरकार की किरकिरी, मंत्रालय ने हटाई वेबसाइट ..

पिछले दिनों 25 जुलाई को बैक सीरीज जीडीपी ग्रोथ रिपोर्ट मंत्रालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर प्रकाशित की गई थी. इसमें UPA और NDA सरकार के कार्यकाल के दौरान जीडीपी ग्रोथ की तुलना की गई थी. मोदी सरकार की फजीहत होने के बाद इसे वेबसाइट से हटा लिया गया है.

देश की आर्थिक विकास दर (जीडीपी) से जुड़ी एक सरकारी रिपोर्ट ने ही मोदी सरकार की फजीहत करा दी. रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि मनमोहन सिंह वाली यूपीए सरकार में जीडीपी की औसत दर नरेंद्र मोदी की एनडीए सरकार से ज्यादा थी. यह रिपोर्ट सरकार से जुड़े एक पैनल ने ही तैयार की है. इसे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट पर पब्लिश किया गया था. वर्तमान में डीवी सदानंद गौड़ा मंत्रालय के प्रभारी हैं.

वैश्विक अर्थव्यवस्था की तेजी के दौरान भी भारत का GDP कमजोर क्यों?- कांग्रेस

कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि वाजपेयी जी के समय मे इकनॉमिक ग्रोथ खराब थी. जीडीपी ग्रोथ रेट 5.68 फीसदी थी जिसे यूपीए-1 सरकार ने 8.36 फीसदी तक पहुंचाया. कांग्रेस ने ये भी कहा कि साल 2008-09 में जब कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही थी तब भी यूपीए सरकार ने अर्थव्यवस्था की दर को सबसे ऊपर रखा. लेकिन मोदी सरकार ग्लोबल तेजी के दौरान भी अर्थव्यवस्था को ऊंचा रख पाने में नाकाम रही.

बतौर कांग्रेस जब उन्होंने सत्ता छोड़ी उस वक्त करेंट अकाउंट डेफिसिट जीडीपी 1.7 फीसदी था. साल 2017-18 में ये बढ़कर जीडीपी का 1.9 फीसदी हो गया. कांग्रेस ने पूछा क्या कारण है कि जब वैश्विक अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है उस दौरान भी हमारा जीडीपी ग्रोथ कम होती जा रही है?

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