वृद्धाश्रम घूमने पहुंची पोती से हुई दादी की मुलाकात..

सोशल मीडिया पर हाल में एक फोटो वायरल हो रही है जिसमें एक लड़की एक बुजुर्ग महिला के साथ बैठकर रो रही है. जिसमें बताया जा रहा है कि ये बूढ़ी औरत और कोई नहीं बल्कि उस बच्ची की दादी है जिन्हें रिश्तेदारों के घर जाने की बात बोलकर बच्ची के मां-बाप वृद्धाश्रम में छोड़ आए थे. लेकिन जब दादी पोती की मुलाकात हुई तो मां-बाप के बोले गए झूठ से पर्दा हटा. पूरी कहानी पढ़ने के बाद आप भी हो जाएंगे भावुक..

एक फोटो हजार शब्दों के बराबर होती है और इसी बात को सच कर रही है एक फोटो जो आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस फोटो में स्कूल ड्रैस पहनी एक छोटी बच्ची एक बुजुर्ग महिला के पास बैठ कर रो रही है. इस तस्वीर को देखने पर लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे चुके हैं लेकिन अगर आप इस फोटो को देखेंगे तो ये फोटो खुद में अपनी सारी कहानी बयां कर ही है और इस फोटो को जिसने भी देखा और इसके पीछे की कहानी जानी तो वह भावुक हुए बिना नहीं रह सका. हालांकि अभी तक इस बात का पता नहीं लगा है कि ये फोटो कहां की है और कब की है.

मामला सोशल मीडिया पर वायरल उस फोटो का है जिसमें एक स्कूल ड्रैस पहने लड़की एक बुजुर्ग महिला के पास बैठकर रो रही है. जानकारी के मुताबिक इस फोटो में जो बुजुर्ग महिला हैं वह उस लड़की की दादी हैं. दरअसल ये बच्ची जिस स्कूल में पढ़तीहै उस स्कूल ने बच्चों के लिए एक वृद्धाश्रम जाने का ट्रिप तैयार किया. जब स्कूल के बच्चे उस वृद्धाश्रम में पहुंचे तब इस लड़की की मुलाकात अपनी दादी से हुई.

अपनी दादी को वृद्धाश्रम में देखने के बाद बच्ची उनके सीने लिपट गई और रोने लगी. जिसके बाद अपनी पोती को रोता देख दादी की आंखे भर आई और वो भी रोने लगीं. इस फोटो के साथ मिली जानकारी के मुताबिक ये छोटी बच्ची जब भी अपने मां-बाप से अपनी दादी के बारे में पूछती तो उसके माता पिता बच्ची को बोलते की उसकी दादी किसी रिश्तेदार के घर रहने के लिए गई हुई है. लेकिन उसके मां-बाप अपनी बूढ़ी मां को किसी रिश्तेदार के घर नहीं बल्कि वृद्धाश्रम में छोड़ कर आए थे.

लेकिन बच्ची को अपनी दादी के रिश्तेदारों के घर जाने की असलियत का उस वक्त पता लगा जब वो वृद्धाश्रम में अपनी दादी से मिली. बच्ची और दादी के मिलाप और उनके बीच का प्यार देख वहां मौजूद सभी लोग भावुक हुए बिना नहीं सके. दादी-पोती का रोना देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखे भर आई.

ज्ञात हो कि बच्चों के लिए उनके मां बाप के अलावा उनके दादा-दादी और नाना-नानी प्यार और संस्कार भी उनकी अच्छी परवरिश में सहायक होते हैं लेकिन कई बार देखने में आता है कि अपने पैरों पर खड़े बच्चों को मां-बाप किसी बोझ की तरह लगने लगते हैं जिसके चलते वो उनको या तो घर से निकाल देते हैं या फिर वृद्धाश्रम छोड़ आते हैं. सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को लगभग हजारों की संख्या में लोग शेयर कर चुके हैं

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