ग्रामीणों ने पुलिस बालो को दौड़ा दौडाकर पीटा….

मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था के हालात बद से बदतर होते जा रहे है लोगो का तन्त्र से विस्वास उठ सा गया है इसलिए लोग अब खुद ही त्वरित न्याय करने के आसरे हिंसक होते जा रहे है , इसकी बानगी हमे गाहेबगाहे प्रदेश में देखने को मिल रही है हाल ही में छिन्दवाड़ा जिले के उमरेठ में आरोपी को पकड़ने गये ASI को लोगो ने पीट पीट कर मार डाला , साथ में गये अन्य पुलिस कर्मियों ने भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई ….

ठीक इसी तरह दमोह जिले में पुलिस और ग्रामीणों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीण आक्रोशित हो गए और  जबलपुर-दमोह मार्ग पर जाम लगा दिया। जब पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने पुलिसवालों पर ही हमला बोल दिया। किसी ने चप्पल फेंक कर मारी तो किसी ने उनकी वर्दी फाड़ दी। हालात ये हो गए कि पुलिस को वहां से अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। ऐसे में एक पुलिसकर्मी नाले में जा गिरा । यहां तक कि मंत्री जालम सिंह का काफ़िला भी इन मज़दूरों ने नहीं गुजरने दिया और काफिले को वापस लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात पुलिस ने चैकिंग के दौरान मज़दूरों से भरी गाड़ी रोक कर चालान काटा था। मज़दूरों का आरोप है कि पुलिस वालों ने उन्हें थाने में लेकर जाकर मारपीट की है, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया।इसी बात से गुस्साए मज़दूरों ने शुक्रवार सुबह दमोह जबलपुर स्टेट हाइवे पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्होंने पुलिस को घेर लिया और बहस करने लगे। बहस करते-करते वे इतना उग्र हो गए कि उन्होंने तेंदूखेडा में पदस्थ पीएसआई बृजेश पांडे को ही पीट दिया और फिर उनकी वर्दी फाड़ दी। महिला श्रमिकों ने अपनी चप्पलें उतार लीं और मज़दूर पुलिस को पीटने के लिए भागे।

इसके बाद पीएसआई पांडे के पीछे हजारों की संख्या में दौड रहे मजदूरों से बचने के लिए उन्होंने महुला नाला में कूदकर जान बचाई। वे नाले से तैरकर उस पार पहुंचे और खेतों में दौड़ते हुए दूध डेयरी में जाकर छिप गए। इसी तरह आरक्षक पवन पटेल की पिटाई कर वर्दी फाड़ दी। उन्होंने भी नदी में कूदकर अपनी जान बचाई। दूसरे गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने आरक्षक को अपनी शर्ट दी, तब कहीं पहनकर वह लौटे। इसी प्रकार आरक्षक तिलक सिंह के साथ भी मारपीट हुई है। भीड़ को समझाइश देने पहुंचीं महिला तहसीलदार से जब बात नहीं बनीं, तो एक महिला मजदूर ने टीआई अहिरवार के सिर पर चप्पल मार दी।पुलिस वालों ने जैसे-तैसे करके अपनी जान बचाई। विवाद के बाद दमोह से भरी संख्या में पुलिस बल रवाना किया गया है।

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