अध्यापकों के साथ धोखा, कांग्रेस सरकार आने पर करेंगें न्याय : कमलनाथ

प्रदेश की शिवराज सरकार ने 2.37 लाख से ज्यादा अध्यापकों के स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन के आदेश जारी कर दिए है। इसकी प्रक्रिया शुरु हो चुकी है।नियमों के तहत अध्यापकों का संविलियन स्कूल शिक्षा विभाग में होगा, लेकिन उनके लिए अलग कैडर बना दिया गया है। नए कैडर के साथ शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिया जाएगा, इससे उनके वेतन में 4 से 10 हजार रुपए का फायदा होगा। इसमें नगरीय निकायों के तहत आने वाले अध्यापक अब प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्त होंगे। वही विपक्ष ने अध्यापकों के लिए अलग कैडर बनाए जाने को लेकर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा है कि शिवराज सरकार ने संविलियन के नाम पर अध्यापकों से धोखा किया है। लेकिन कांग्रेस की सरकार आने पर उनके साथ न्याय किया जाएगा।
दरअसल, कमलनाथ ने ट्वीटकर के माध्यम से शिवराज सरकार पर आरोप लगाए है और आने वाले समय में कांग्रेस की सरकार बनने पर अध्यापकों के साथ न्याय करने की बात कही है। कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि शिवराज सरकार ने प्रदेश के 2.37 लाख अध्यापकों के साथ शिक्षा विभाग में संविलियन के नाम पर अलग कैडर बनाकर धोखा किया गया है। कांग्रेस सरकार आने पर अध्यापकों के साथ न्याय होगा।
गौरतलब है कि मंगलवार को सरकार द्वारा प्रदेश के 2.37 लाख से ज्यादा अध्यापकों के स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन की अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद अध्यापकों को अब सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिल गया है। वहीं 7वां वेतनमान का लाभ भी मिलेगा। अभी तक प्रदेशभर में ये अध्यापक तीन विभागों के अधीन काम कर रहे थे, इन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं था। इससे अध्यापक को हर महीने 5 से 8 हजार रुपए तक का फायदा भी होगा। संविलियन के बाद वरिष्ठ अध्यापक अब उच्चतर माध्यमिक शिक्षक, अध्यापक अब माध्यमिक शिक्षक और सहायक अध्यापक अब प्राथमिक शिक्षक कहलाएंगे। इसके अलावा सहायक अध्यापक (प्रयोगशाला) को प्रयोगशाला शिक्षक, सहायक अध्यापक (व्यायाम) को खेलकूद शिक्षक और सहायक अध्यापक (गायन/वादन) को गायद/वादन शिक्षक श्रेणी-अ बनाया जाएगा। अध्यापक फिलहाल पंचायत, नगरीय निकाय और आदिवासी विभाग के तहत आते हैं, अब वे स्कूल शिक्षा विभाग के तहत काम करेंगे।

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